

रिपोर्टर इन्द्र जीत प्रजापति
स्थान कालावाली
जिला सिरसा
कालांवाली में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, कूड़े के ढेरों से बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खतरा
कालांवाली शहर में इन दिनों सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वार्डों और गलियों में कूड़े के ढेर खुले पड़े हैं, कई जगह सड़ांध से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि 10–10 दिनों तक सफाई कर्मचारी नजर नहीं आते, और जब आते भी हैं तो औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं। नतीजतन, कचरे पर मक्खी-मच्छर तेजी से पनप रहे हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
शहरवासियों का कहना है कि नियमित सफाई और फॉगिंग के अभाव में स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मोहल्लों में लोगों ने अपने स्तर पर कचरा हटाने की कोशिश की, लेकिन समस्या इतनी व्यापक है कि व्यक्तिगत प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
इस गंभीर स्थिति को लेकर जब लोगों ने नगर पालिका कालांवाली के सचिव से संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोप है कि उन्होंने फोन तक नहीं उठाया। इससे नागरिकों में रोष है कि आखिर वे अपनी समस्या किसके सामने रखें। प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोगों में निराशा और गुस्सा दोनों बढ़ रहे हैं।
इसके बाद नागरिकों ने नगर पालिका के उप-प्रधान सिकंदर बाहिया से संपर्क कर पूरी स्थिति बताई। उप-प्रधान ने लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त करवाई जाएगी, नियमित रूप से कूड़ा उठान सुनिश्चित होगा और शहर में फॉगिंग अभियान चलाकर मच्छरों पर नियंत्रण किया जाएगा।
शहरवासियों का कहना है कि आश्वासन पहले भी मिलते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर असर दिखाई नहीं देता। अब लोग ठोस कार्रवाई और समयबद्ध व्यवस्था चाहते हैं ताकि बीमारी का खतरा टल सके और शहर में स्वच्छता बहाल हो।
यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। जरूरत है कि प्रशासन तत्काल सक्रिय होकर सफाई कर्मचारियों की नियमित तैनाती, कूड़ा उठान की व्यवस्था और फॉगिंग अभियान को प्राथमिकता दे, ताकि कालांवाली के नागरिकों को राहत मिल सके और शहर को स्वच्छ व सुरक्षित बनाया जा सके।










