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“सहारनपुर में मोबाइल टावर बैटरी चोरी का सबसे बड़ा खुलासा! पुलिस टीम पर हमला करने वाले हाईटेक गैंग का पर्दाफाश

3 शातिर गिरफ्तार, 25 बैटरियां, स्कॉर्पियो और बाइक बरामद”

🚨🔋 “सहारनपुर में मोबाइल टावर बैटरी चोरी का सबसे बड़ा खुलासा! पुलिस टीम पर हमला करने वाले हाईटेक गैंग का पर्दाफाश — 3 शातिर गिरफ्तार, 25 बैटरियां, स्कॉर्पियो और बाइक बरामद” 🔥⚠️

सहारनपुर। जनपद में पिछले कई महीनों से मोबाइल टावरों से बैटरियां चोरी होने की लगातार घटनाओं ने पुलिस और टेलीकॉम कंपनियों की नींद उड़ा रखी थी। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर के आसपास तक मोबाइल नेटवर्क बार-बार ठप पड़ रहा था, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब थाना बेहट पुलिस ने एक बड़े और संगठित टावर चोरी गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 25 मोबाइल टावर बैटरियां, एक मोटरसाइकिल और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार बरामद की है। इतना ही नहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि यही गैंग कई थाना क्षेत्रों में दर्ज दर्जनों चोरी की वारदातों में शामिल रहा है और पुलिस टीम पर हमला करने से भी नहीं चूका।

पूरा मामला उस समय सामने आया जब 08 मई 2026 को थाना बेहट क्षेत्र में मोबाइल टावर से बैटरियां चोरी करते समय पुलिस टीम पर हमला किया गया। उपनिरीक्षक रविन्द्र कसाना द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया कि बदमाशों ने चोरी के दौरान पुलिस टीम को कुचलने की नीयत से अपनी सफेद स्कॉर्पियो कार पुलिस वाहन में टकरा दी और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी बेहट के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार दीक्षित के नेतृत्व में टीम गठित की गई और टावर चोरी गैंग की तलाश शुरू हुई।

लगातार चल रही चेकिंग और मुखबिर तंत्र की मदद से 12 मई 2026 को थाना बेहट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस टीम चौकी पूजनेकी क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी ग्राम घुन्ना मोड़ पर तीन संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल के पास प्लास्टिक के बोरे लिए खड़े दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखते ही तीनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलमान पुत्र मकबूल निवासी मौहल्ला हुसैन बस्ती बेहट अड्डा थाना मंडी सहारनपुर, सारिक पुत्र शराफत निवासी ग्राम अकबरपुर सुनहेटी थाना कैराना जनपद शामली और कादिर पुत्र अलीशेर निवासी ग्राम अकबरपुर सुनहेटी थाना कैराना शामली के रूप में हुई।

जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने ऐसे खुलासे किए जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने सहारनपुर और आसपास के कई थाना क्षेत्रों में मोबाइल टावरों को निशाना बनाकर सैकड़ों बैटरियां चोरी की हैं। आरोपियों ने बताया कि 28 मार्च 2026 को ग्राम मुसैल से 26 बैटरियां, 07 अप्रैल को शाहपुर गाडा से 24 बैटरियां, 05 मई को हसनपुर मिर्जापुर से 40 बैटरियां, 09 अप्रैल को घड़कोली से 24 बैटरियां, 11 अप्रैल को घुन्ना और कुतकपुर कुलानी से 24-24 बैटरियां, हरड़ाखेड़ी से 42 बैटरियां, 16 अप्रैल को पटनी पिलखनी से 24 बैटरियां, 18 अप्रैल को सरकड़ी शेख से 20 बैटरियां और 03 मई को जमालपुर से 24 बैटरियां चोरी की थीं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था और रात के अंधेरे में सुनसान क्षेत्रों में स्थित मोबाइल टावरों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की बैटरियां चोरी कर लेता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की गई बैटरियों को कबाड़ियों और अवैध नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों तक सप्लाई किया जाता था। सूत्रों का दावा है कि इस गिरोह के तार एक बड़े बैटरी खरीद-फरोख्त सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जो चोरी का माल खरीदकर इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे थे।

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू गिरफ्तार आरोपी सलमान का लंबा आपराधिक इतिहास है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सलमान के खिलाफ हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, पुलिस मुठभेड़, पशु क्रूरता अधिनियम, चोरी और संगठित अपराधों समेत 36 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह कई मामलों में वांछित भी चल रहा था। वहीं आरोपी सारिक के खिलाफ विद्युत चोरी, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और टावर चोरी से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी कादिर भी हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और चोरी जैसे गंभीर मामलों में पहले से नामजद रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसके सदस्य लगातार अपराध की दुनिया में लिप्त रहे हैं।

बरामदगी में पुलिस ने 25 मोबाइल टावर बैटरियां, एक मोटरसाइकिल और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार बरामद की है। पुलिस यह पता लगाने में भी जुटी है कि चोरी की गई बाकी बैटरियां कहां खपाई गईं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस जल्द ही कुछ और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।

इस हाई प्रोफाइल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रविन्द्र कसाना, उपनिरीक्षक धीरज सिंह, हेड कांस्टेबल विकास, राहुल राणा, अनुज, गोविंद, गौरव, कांस्टेबल श्रवण, उमंग राठी और संजू सेम शामिल रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी संगठित गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।

मोबाइल टावर चोरी की घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही थीं। कई गांवों में घंटों मोबाइल नेटवर्क ठप हो जाता था, जिससे लोगों को बैंकिंग, ऑनलाइन पढ़ाई और आपातकालीन सेवाओं में दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। ऐसे में इस गैंग की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने बड़े गिरोह को संरक्षण कौन दे रहा था? क्या इस नेटवर्क में कुछ और बड़े नाम भी शामिल हैं? और आखिर इतने लंबे समय तक यह गैंग पुलिस की पकड़ से कैसे बचता रहा?

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जनपद में लगातार बढ़ रहे संगठित अपराधों के बीच यह कार्रवाई पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

रिपोर्ट: एलिक सिंह
📞 संपर्क: 8217554083
🖋 संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़

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