
*कतरास के रेलवे इंस्टीट्यूट मैदान के दुर्गा पूजा में मां दुर्गा के दर्शन एवं मेले में जुट रही श्रद्धालुओं की
*धनबाद में एकड़ा नदी के भीतर जमीन फटी, खदान को बचाने के लिए पानी की धारा मोड़ी गई*
*धनबाद :* जिले के लोयाबाद में एकड़ा नदी के भीतर जमीन फटने से नदी का पानी अंदर समाने लगा। इससे पास की कोयला खदान में पानी भरने लगा। जहां जमीन फटी, उसके आगे नदी के सूखने का खतरा भी मंडराने लगा।
खतरे को देखते हुए शनिवार को बीसीसीएल की ओर से नदी की धारा को मोड़कर दरार वाले स्थान की मरम्मत शुरू की दी गई है ताकि पानी को खदान के अंदर जाने से रोका जा सके। स्थानीय लोगों को कहना है कि मंगलवार को नदी में 10 फीट चौड़ी दरार पड़ी थी। दरार के कारण आगे नदी में पानी का बहाव कम हो गया।
इस नदी के पानी पर निर्भर आसपास की करीब एक लाख की आबादी के समक्ष जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जानकारी मिलने के बाद खदान की सुरक्षा एवं जल संकट को देखते हुए बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग प्रबंधन ने संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर कंक्रीट की ढलाई कर दरार को भरने का कार्य शुरू कर दिया है। दरार पड़ने के कारण को लेकर पक्के तौर पर अभी कुछ नहीं बताया जा रहा है। वैसे कयास लगाया जा रहा है कि एक सप्ताह पूर्व नदी के समीप संचालित खदान में हैवी ब्लास्टिंग के कारण जमीन का लगभग 200 मीटर लंबा हिस्सा फट गया, जिससे नदी के बीच में भी 10 फीट की दरार पड़ गई। इसमें नदी का सारा अंदर पानी समाने लगा। घटना की सूचना मिलने पर पीबी (पुटकी-बलिहारी) एरिया के महाप्रबंधक की अध्यक्षता में आपात बैठक हुई। इसके बाद नदी में दरार वाले एरिया की ढलाई शुरू की गई। पानी निकासी के लिए लगाया गया पंप आउटसोर्सिंग कंपनी के जीएम राकेश सिंह ने बताया कि पानी घुसने से खदान का सीम नंबर 16 और 17 पूरी तरह डूब चुका है। खदान में भरे पानी को निकालने के लिए 24 हजार जीपीएम क्षमता का पंप लगाया गया है। उन्होंने बताया कि स्थायी समाधान के लिए नदी में 500 मीटर लंबा ह्यूम पाइप डालने की योजना है ताकि पानी का बहाव नियंत्रित रहे। साथ ही स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए पानी टंकी बनाई जाएगी। इस कार्य पर लगभग चार-पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे पूरा करने में 10-15 दिन लगेंगे।










