A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबरदेश

“डीएम पर तहसीलदार के गंभीर आरोप!”—आईफोन-आईवॉच लेने, उत्पीड़न और दबाव बनाने का आरोप, फिरोजाबाद में प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप

प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है और मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

🚨🚨 MEGA EXCLUSIVE BIG BREAKING | “डीएम पर तहसीलदार के गंभीर आरोप!”—आईफोन-आईवॉच लेने, उत्पीड़न और दबाव बनाने का आरोप, फिरोजाबाद में प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप 🚨🚨

फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से प्रशासनिक तंत्र को हिला देने वाला मामला सामने आया है, जहां टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा ने जिलाधिकारी रमेश रंजन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इस प्रकरण ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है और मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

तहसीलदार राखी शर्मा ने वीडियो जारी कर और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी द्वारा उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और उनके खिलाफ जांच को खत्म करने के बदले महंगे उपहार—आईफोन 17 और आईवॉच—लिए गए। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आरोपों की गंभीरता ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

राखी शर्मा ने कहा कि उन्हें कैंप ऑफिस में बुलाकर करीब दो घंटे तक रोके रखा गया और उन पर एक रिट वापस लेने का दबाव बनाया गया। उनका दावा है कि जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया, तो उनके खिलाफ प्रशासनिक दबाव बढ़ा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सैलरी रोकी गई, प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) दी गई और उनके न्यायालय संबंधी कार्यों में भी बाधाएं डाली गईं।

उन्होंने यह भी कहा कि “अब हालात सीमा से बाहर हो चुके हैं” और उनके पास अपनी बात सार्वजनिक करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उनकी भावुक अपील में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई और कहा कि एक महिला अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद चिंताजनक है।

मामले को और गंभीर बनाते हुए राखी शर्मा ने कुछ पत्रकारों पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ पत्रकारों द्वारा उन्हें ब्लैकमेल और परेशान किया जा रहा है तथा उनके खिलाफ वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में थाना टूंडला में तहरीर देने की बात भी कही, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगाया।

इस पूरे घटनाक्रम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या वाकई एक महिला पीसीएस अधिकारी के साथ इतना गंभीर उत्पीड़न हुआ? क्या प्रशासनिक तंत्र के भीतर शक्ति का दुरुपयोग हो रहा है? और सबसे अहम, क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच हो पाएगी?

फिलहाल, जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में जांच के बाद ही सच्चाई सामने आती है, इसलिए सभी पक्षों की बात और साक्ष्यों का मूल्यांकन बेहद जरूरी होगा।

यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और महिला अधिकारियों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और उच्च प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाती है।


रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – हलचल इंडिया न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर

📞 संपर्क: 8217554083
📢 खबर, विज्ञापन, विज्ञप्ति एवं सूचना हेतु संपर्क करें

Back to top button
error: Content is protected !!