
*डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी, टीएसपी एवं एनपीके मिश्रित उर्वरकों के उपयोग की किसानों से अपील*
*जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं वैकल्पिक फॉस्फेट युक्त उर्वरक, निर्धारित एमआरपी पर करें खरीदारी*
गया, 03 अगस्त 2026,
कृषि विभाग, गया द्वारा जिले के सभी किसानों से अपील की गई है कि वे खरीफ फसलों में केवल डीएपी (DAP) उर्वरक पर निर्भर न रहें, बल्कि वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुरूप फॉस्फोरस युक्त अन्य वैकल्पिक उर्वरकों का भी उपयोग करें।
कृषि विभाग ने बताया कि वर्तमान में जिले में सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी-16 प्रतिशत फॉस्फेट), ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (टीएसपी-48 प्रतिशत फॉस्फेट) तथा एनपीके मिश्रित उर्वरक 10:26:26, 14:28:0 एवं 20:20:0:13 पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
किसानों को इन उर्वरकों के उपयोग से फसल उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि संतुलित पोषण मिलने से फसलों की वृद्धि एवं उत्पादन क्षमता में सुधार होगा।
कृषि विभाग ने बताया कि फॉस्फोरस पौधों के लिए अत्यंत आवश्यक प्रमुख पोषक तत्व है। इसका उपयोग विशेष रूप से बुआई के तुरंत बाद पौधों की जड़ों के बेहतर विकास, प्रारंभिक वृद्धि, पौधों की मजबूती तथा अधिक उत्पादन के लिए किया जाता है। यदि फसल को समय पर पर्याप्त फॉस्फोरस उपलब्ध हो जाए तो पौधों की जड़ें अधिक मजबूत बनती हैं, जिससे पौधा मिट्टी से अन्य पोषक तत्वों एवं नमी का बेहतर अवशोषण कर पाता है।
*विभिन्न उर्वरकों में उपलब्ध पोषक तत्व कृषि विभाग के अनुसार जिले में निम्नलिखित उर्वरक उपलब्ध हैं—*
1. सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP)
फॉस्फेट – 16 प्रतिशत
फॉस्फोरस की पूर्ति का प्रभावी विकल्प।
दानेदार एवं पाउडर दोनों रूपों में उपलब्ध।
2. ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (TSP)
फॉस्फेट – 48 प्रतिशत
अधिक फॉस्फोरस युक्त उर्वरक, फसल की प्रारंभिक वृद्धि एवं जड़ विकास के लिए उपयोगी।
3. एनपीके 10:26:26
नाइट्रोजन (N) – 10 प्रतिशत
फॉस्फोरस (P) – 26 प्रतिशत
पोटाश (K) – 26 प्रतिशत
संतुलित पोषक तत्वों वाला मिश्रित उर्वरक।
4. एनपीके 14:28:0
नाइट्रोजन – 14 प्रतिशत
फॉस्फोरस – 28 प्रतिशत
पोटाश – 0 प्रतिशत
फॉस्फोरस प्रधान मिश्रित उर्वरक।
5. एनपीके 20:20:0:13
नाइट्रोजन – 20 प्रतिशत
फॉस्फोरस – 20 प्रतिशत
पोटाश – 0 प्रतिशत
सल्फर – 13 प्रतिशत
जिन क्षेत्रों में सल्फर की आवश्यकता होती है वहाँ यह अत्यंत उपयोगी है।
कृषि विभाग ने बताया कि एनपीके मिश्रित उर्वरकों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटाश संतुलित मात्रा में उपलब्ध रहते हैं, जिससे फसलों की प्रारंभिक वृद्धि, जड़ों का विकास तथा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। जिन क्षेत्रों की मिट्टी में पोटाश की कमी होती है, वहाँ एनपीके मिश्रित उर्वरकों का उपयोग विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होता है।
*जिले में उपलब्ध उर्वरकों का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) कृषि विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) निम्नानुसार हैं—*
एनपीके 10:26:26 (CFCL) – ₹2,150 प्रति बैग
एनपीके 20:20:0:13 (Indorama India Pvt. Ltd.) – ₹1,950 प्रति बैग
एनपीके 10:26:26 – ₹1,990 प्रति बैग
एनपीके 14:28:0 – ₹1,950 प्रति बैग
एसएसपी – ₹690 प्रति बैग
अमोनियम सल्फेट – ₹1,400 प्रति बैग
एसएसपी (दानेदार, IPL) – ₹690 प्रति बैग
एसएसपी (पाउडर, IPL) – ₹650 प्रति बैग
टीएसपी – ₹1,300 प्रति बैग
एनपीके 20:20:0:13 (PPL) – ₹1,800 प्रति बैग
एसएसपी (दानेदार, SAI Fertilizers) – ₹725 प्रति बैग
एसएसपी (पाउडर) – ₹650 प्रति बैग
एनपीके 20:20:0:13 (GSFC Ltd.) – ₹2,250 प्रति बैग
अमोनियम सल्फेट – ₹1,400 प्रति बैग
कृषि विभाग ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे उर्वरक खरीदने से पहले विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का मिलान अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार के भ्रम में आए बिना निर्धारित दर पर ही उर्वरक खरीदें।
विभाग ने सभी किसानों से अपील की है कि वे मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा के अनुसार संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएँ। केवल डीएपी पर निर्भर रहने के बजाय एसएसपी, टीएसपी तथा एनपीके मिश्रित उर्वरकों का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग करें। इससे फसलें अधिक स्वस्थ होंगी, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी तथा बेहतर एवं अधिक उत्पादन प्राप्त होगा।
त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार
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