?php echo do_shortcode('[t4b-ticker]'); ?
A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेकृषिखाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्यगढ़वाझारखंडटेक्नोलॉजीताज़ा खबरमनोरंजनमौसम और स्वास्थ्यराजनीति और प्रशासनवन और पर्यावरणव्यापारशिक्षासबसे हाल की खबरेंसमाचारसमाज और विकाससमाज और श्रमिक अधिकारस्थानीय समाचार

सरस्वती नदी पुनर्जीवन अभियान को मिला बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल का समर्थन

अभियान के 17वें दिन विद्यालय प्रबंधन ने निभाई सक्रिय भागीदारी

संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा ✅ गढ़वा, 10 जून 2026। सरस्वती नदी पुनर्जीवन अभियान को जनसमर्थन लगातार मिल रहा है। अभियान के 17वें दिन बुधवार को श्री बंशीधर नगर स्थित बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक मनीष कुमार सिंह, को-डायरेक्टर युवराज सिंह एवं प्राचार्य रवीश प्रजापति गढ़वा पहुंचे और अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।IMG 20260610 WA0025विद्यालय प्रबंधन ने समाजसेवी अभिषेक भारद्वाज द्वारा संचालित सरस्वती नदी पुनर्जीवन अभियान तथा गढ़वा के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय पांडेय की पहल की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।IMG 20260610 WA0026

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक मनीष कुमार सिंह ने कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सभ्यता की पहचान हैं। सरस्वती नदी का पुनर्जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धरोहर को संरक्षित करने जैसा कार्य है। विद्यालय इस पुनीत अभियान में हर संभव सहयोग देगा।

वहीं को-डायरेक्टर युवराज सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसे व्यवहारिक रूप से समाज में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अभिषेक भारद्वाज की यह मुहिम युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और विद्यालय अपने छात्रों को भी इस अभियान से जोड़ेगा।

प्राचार्य रवीश प्रजापति ने कहा कि जल संरक्षण की शिक्षा कक्षा से शुरू होकर समाज तक पहुंचनी चाहिए। एसडीएम संजय पांडेय की पहल एवं इस अभियान के माध्यम से बच्चों और युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित की जा सकती है।

विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन जैसे विषयों पर व्यापक जन-जागरूकता समय की आवश्यकता है। सरस्वती नदी पुनर्जीवन अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं संस्थाओं के जुड़ने से इस मुहिम को नई ऊर्जा मिल रही है।

Back to top button
error: Content is protected !!