
श्री बंशीधर नगर। श्री बंशीधर नगर प्रखंड में मनरेगा योजनाओं के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। कुशडंड पंचायत की बीडीसी के पति एवं प्रतिनिधि जमील अंसारी ने पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राजकुमार राम पर मनरेगा योजना के तहत टीसीबी का कोड कराने के एवज में 40 हजार रुपये नगद लेने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर जमील अंसारी ने नगर ऊंटारी थाना में लिखित आवेदन देकर जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा राशि वापस कराने की मांग की है।
थाना में दिए आवेदन के अनुसार, जमील अंसारी ने वर्ष 2024-25 में पंचायतवासियों को मनरेगा के तहत टीसीबी योजना का लाभ दिलाने के लिए मुखिया से अनुरोध किया था। आरोप है कि योजना का लाभ दिलाने एवं उसका कोड कराने के एवज में मुखिया प्रतिनिधि द्वारा 40 हजार रुपये की मांग की गई। जमील अंसारी का कहना है कि उन्होंने बिना पैसे के योजना का लाभ दिलाने का आग्रह कई बार किया, लेकिन बात नहीं बनी।
आरोप के मुताबिक, अंततः 40 टीसीबी के कोड कराने के लिए उन्होंने 40 हजार रुपये नगद दिए। उनका दावा है कि राशि लेने के बावजूद आज तक योजना का लाभ नहीं दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए। इसके बाद उन्होंने थाने में आवेदन देकर मामले की जांच एवं न्याय की गुहार लगाई है।
इधर, मामले को लेकर मुखिया प्रतिनिधि राजकुमार राम ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि बीडीसी प्रतिनिधि ने उनके खिलाफ थाना में आवेदन दिया है और उन्हें जांच पर पूरा भरोसा है।
अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। वहीं, मामले ने पंचायत स्तर पर मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन और कथित लेन-देन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।









