
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ:
गढचिरोली जिले के धानोरा तालुका स्थित *जप्तलाई अनुदानित आदिवासी आश्रमशाला* की मान्यता राज्य सरकार ने कायमस्वरूप से रद्द कर दी है। स्कूल परिसर में सर्पदंश से 3 छात्राओं की मौत और 3 अन्य के घायल होने के बाद प्रशासन ने यह कड़ी कार्रवाई की है।
क्या हुआ था मामला
कुछ दिन पहले रात में आश्रमशाला में सो रही 6 छात्राओं को सर्प ने काट लिया था। इसमें 3 छात्राओं की मौत हो गई थी जबकि 3 का इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था।
आदिवासी विकास विभाग ने मामले की जांच के बाद आश्रमशाला की मान्यता रद्द करने का निर्णय लिया है।
प्रशासनिक कार्रवाई
1. मान्यता रद्द: एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प अधिकारी विकास राठोड़ ने गढचिरोली जिले की सभी आश्रमशालाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कोरपना तालुका की बोरगांव और मांडवा आश्रमशाला के मुख्याध्यापक भी बिना पूर्व सूचना के गैरहाजिर मिले। दोनों का वेतन रोक दिया गया है।
2. गिरफ्तारी: घटना के बाद पुलिस ने स्कूल के मुख्याध्यापक और अधीक्षक को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
3. संचालन संस्था पर कार्रवाई: स्कूल चलाने वाली “कुपरलीमी शैक्षणिक व सांस्कृतिक विकास संशोधन संस्था” को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया था। संतोषजनक जवाब न देने पर मान्यता रद्द की गई।
पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख की सहायता
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक छात्राओं के परिजनों को सहायता देने की घोषणा की थी। इसके तहत धानोरा तहसीलदार के माध्यम से प्रत्येक मृतक छात्रा के परिजनों को 5 लाख रुपये की मुख्यमंत्री सहायता निधि मंजूर की गई है। कुल 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता मुआवजे के अलावा है।
छात्राओं का क्या होगा?
प्रशासन ने आदेश दिए हैं कि जप्तलाई आश्रमशाला की सभी छात्राओं को अगले 15 दिनों में भामरागढ़, गढचिरोली और अहेरी के प्रकल्प स्तर के आश्रमशालाओं में समायोजित किया जाए। सभी छात्राओं के कागजात 20 अगस्त तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदिवासी विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









