
हाथरस।रेवती मईया मेले के तीसरे दिन मंदिर श्री दाऊजी महाराज किला हाथरस पर संस्कार भारती बैनर तले कवि सम्मेलन में सर्वरस कविताओं का श्रोताओं ने आनन्द लिया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ डा0 मुरारी लाल अग्रवाल ने बंसुरी पर प्रभु वन्दना धुन से आनन्दित कर किया। मुख्य अतिथि श्री राज बहादुर सिंह राज उपजिलाधिकारी सदर हाथरस का सम्मान आयोजक डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अतुल आंधीबाल एड ने किया।
विशिष्ट अतिथि चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य, विजय सिंह प्रेमी तथा कवियों का सम्मान मेला आयोजकों ने किया। संस्कार भारती प्रांतीय संरक्षक आशु कवि अनिल बौहरे के संचालन में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों का सम्मान मेला आयोजकों ने किया। संस्कार भारती प्रांतीय संरक्षक आशु कवि अनिल बौहरे के संचालन में आयोजित कवि सम्मेलन में श्री राजबहादुर सिंह राज उपजिलाधिकारी ने यूं काव्य प्रस्तुति की रास्ते पर गर अपने चला नहीं होता, उसको फिर मंजिल का पता नहीं होता। किरदारों में खुश्बू लानी पड़ती है, कद इंसा का यूं बड़ा नहीं होता। राजेन्द्र सिंह ब्रजबासी मथुरा कोई कह नहीं सकता हम नेक नहीं, इतनी ही है बुराई कि हम एक नहीं। गाफिल स्वामी इगलास मैय्या रेवती कर विनती स्वीकार, जिसपर तू कृपा करे उसकी जय-जयकार। चांद हुसैन चांद कैलोरा ग्रेट ब्रिटेन में जिसे मारा उसे डायर कहते हैं लाज देश की बचा न पाये उसे कायर कहते हैं। मीरा दीक्षित ने पढा मीरा को पिलाया बिष अमृत हो गया, उसका बेड़ा पार जो प्रभु भक्त हो गया। रूपम कुशवाह रेवती मैय्या कृपा बरसती रहे, मेले की ख्याति भी बढती रहे। डा0 उपेन्द्र झा हमारी यादें भी तब तक हैं जिन्दा, जब तक बुजुर्गों का साया रहेगा। चेतन उपाध्याय खून नहीं खौला जिसका वो पुत्र नहीं हो सकता, भारत माता का शत्रु है मित्र हो नहीं सकता। रसराज ने पढा जिसका हृदय उदार है प्रभु का उस पर प्यार है। जीवन लाल शर्मा मीरा ने बिष पिया कान्हा के प्यार में, तुलसी ने सृजन किया रत्ना के प्रहार में। प्रभू दयाल दीक्षित प्रभू, प्रदीप पंडित के रंग जमाने के बाद पूरन सागर ने पढा हरिहारौ सावन आइ गयौ, बरसन लागौ मेह, रेवती मैय्या के चरनन उपजत गाढौ नेह। मनीष बर्मा मोनू वर्दियां, वर्दियां, वर्दियां, ये वर्दियां, सैनिकों की वर्दियां, सिपाहियों की वर्दियां। अध्यक्षीय काव्य पाठ श्यामबाबू चिंतन ने यूं किया रिस्तों से रस तो रिस गये, लुटेरे देश के फरिश्ते हो गये। आशु कवि अनिल बौहरे ने आशु कविता से आनंदित कर काव्य पाठ सम्पन्न किया। श्रोताओं में प्रमुख रूप से बौहरे ऋषि कौशिक, पप्पन पहलवान, कृष्णा पहलवान, अर्जुन गुप्ता, कोषाध्यक्ष बांके बिहारी अपना वाले, समन्वयक अनिल कश्यप, राम गुप्ता प्रेस वाले,

अशोक शर्मा, कैलाश चंद्र एडवोकेट, अशोक गुड, मुकेश जेवरी, धीरज वाष्र्णेय एडवोकेट, डा0 नीरज वाष्र्णेय, आशू आंधीवाल, मंजू शर्मा, राजेंद्र चौधरी, सेतू शर्मा, सोनू सागर, वरेस वर्मा आदि उपस्थित रहे। प्रातः नागमंचमी के पावन अवसर पर शेषावतार श्री दाऊजी महाराज एवं रेवती मईया का मंदिर सेवायत वेदांत चतुर्वेदी द्वारा महाभिषेक कर पूजन किया गया।





