
बलिया ।बैरिया ब्लॉक अंतर्गत न्याय पंचायत दया छपरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय नवका गांव के प्रांगण में आयोजित न्याय पंचायत स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य समापन शुक्रवार को उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। बालक एवं बालिकाओं ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता में एनपीआरसी दया छपरा के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। सभी विद्यालयों के अध्यापक भी पूर्ण उत्साह के साथ उपस्थित रहे।
जूनियर हाईस्कूल पाण्डेयपुर और कंपोजिट विद्यालय दलपतपुर का शानदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता में जूनियर हाईस्कूल पाण्डेयपुर की बालक टीम ने बेहतरीन खेल प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं कंपोजिट विद्यालय दलपतपुर की बालिकाओं ने भी अपने विद्यालय का नाम रोशन किया और विजयी बनकर उभरीं।शानदार आयोजन के लिए मेजबान विद्यालय की सराहना
कार्यक्रम का संचालन उच्च प्राथमिक विद्यालय नवका गांव के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीत कुमार तिवारी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि संजय सिंह एवं अवनीश पाण्डेय ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलितकर एवं पुष्प अर्पित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
प्रतियोगिता में उपस्थित अध्यापकों में स्वेतांक सिंह, सुनैना देवी, अवधेश तिवारी, अकास सिंह, ओमप्रकाश, पवन सिंह, अवनीश पाण्डेय, बृजेश वर्मा, नीरज उपाध्याय, आत्म प्रकाश, संतोष कुमार प्रजापति, रजनीश उपाध्याय, सुशील शर्मा एवं शैलेश कुमार चौबे शामिल रहे, जिन्होंने बच्चों का मनोबल लगातार बढ़ाया।
विजेता टीमों की सराहना
जूनियर हाईस्कूल पाण्डेयपुर के विजयी खिलाड़ियों की उनके प्रधानाध्यापक अमित कुमार सिंह और सहायक अध्यापक संजय सिंह ने प्रशंसा की। उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतरीन बताते हुए मेजबान विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीत कुमार तिवारी को इस शानदार आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

खंड शिक्षा अधिकारी ने की पहल की सराहना
बैरिया क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालयों द्वारा आयोजित हो रही खेलकूद प्रतियोगिताओं को लेकर जब खंड शिक्षा अधिकारी पंकज मिश्रा से बात की गई, तो उन्होंने अध्यापकों की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के शारीरिक विकास, मनोबल एवं टीम भावना को मजबूत करते हैं। सही अवसर और निर्देशन मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी किसी मंच पर कम नहीं हैं। प्रतियोगिता के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि अवसर, प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन पाकर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे हर स्तर पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर सकते हैं।




















