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बस्ती में सरकारी जमीन पर डकैती: प्रधान प्रतिनिधि ने राजस्व कर्मियों संग मिलकर ‘निगला’ सरकारी प्लॉट!

सत्ता की हनक या प्रशासन की लाचारी? प्रस्तावित पुलिस चौकी की जमीन पर प्रधान प्रतिनिधि का 'किराया महल'!

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: सरकारी जमीन पर ‘डकैती’, रक्षक ही बने भक्षक; प्रधान प्रतिनिधि के रसूख तले दबा प्रशासन!

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश

  • बस्ती मंडल की बड़ी लूट: गरीबों का घर गिराने वाले प्रधान प्रतिनिधि ने अब चौराहे की बेशकीमती जमीन पर डाला डाका।
  • कहाँ है बाबा का बुलडोजर? कुदरहा चौराहे पर सरकारी जमीन की बंदरबांट, प्रशासन बना मूकदर्शक।
  • साहब! जहाँ पुलिस चौकी बननी थी, वहाँ अवैध कब्जा: आखिर कब जागेगा बस्ती का राजस्व विभाग?
  • रक्षक ही बने भक्षक: राजस्व कर्मियों की कलम से हुआ अवैध पट्टा, प्रधान प्रतिनिधि ने खड़ा किया साम्राज्य।
  • भाकियू (भानु) का हल्ला बोल: उमेश गोस्वामी ने खोला प्रधान प्रतिनिधि का कच्चा चिट्ठा, DM से शिकायत।
  • जुगुरता देवी के नाम ‘पट्टा’ और मलाई खा रहे प्रधान प्रतिनिधि; किसान यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी!

बस्ती। जनपद के सदर तहसील अंतर्गत कुदरहा चौराहे पर सरकारी संपत्ति की लूट का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शासन और प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। यहाँ ‘पब्लिक’ की जमीन पर ‘प्रधान’ के करीबियों का कब्जा है और जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। ताज़ा मामला कुदरहा चौराहे के पास का है, जहाँ बेशकीमती सरकारी जमीन को भू-माफियाओं ने निवाला बना लिया है।

राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से ‘खेल’

आरोप है कि राजस्व कर्मियों के साथ सांठ-गांठ कर नियम-कानूनों को ताक पर रख दिया गया। सरकारी जमीन को जुगुरता देवी नामक महिला के नाम पर फर्जी तरीके से पट्टा आवंटित करा दिया गया। इस ‘कागजी खेल’ के पीछे असली खिलाड़ी प्रधान प्रतिनिधि और एक अन्य व्यक्ति बताए जा रहे हैं। पट्टा होते ही बंदरबांट शुरू हुई और सरकारी जमीन को दो हिस्सों में बांटकर उस पर अवैध साम्राज्य खड़ा कर दिया गया।

प्रस्तावित पुलिस चौकी की जमीन पर खड़ा किया ‘किराया महल’

हैरानी की बात यह है कि जिस जमीन पर पुलिस चौकी बनना प्रस्तावित था, आज वहाँ प्रधान प्रतिनिधि का पक्का मकान खड़ा है। दबंगई की पराकाष्ठा देखिए—सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कर अब वहां से मोटा किराया वसूला जा रहा है और प्रशासन ‘बेखबर’ होने का स्वांग रच रहा है।

बुलडोजर से नहीं सुधरे हौसले

यह पहली बार नहीं है जब प्रधान प्रतिनिधि की दबंगई सामने आई हो। कुछ समय पूर्व इसी प्रतिनिधि ने जेसीबी लगाकर एक गरीब का आशियाना जमींदोज कर दिया था। उस वक्त तत्कालीन एसडीएम ने सख्त कार्रवाई करते हुए प्रधान के घर के बगल बनी अवैध दुकान पर बुलडोजर चलवाया था। लेकिन लगता है कि ‘बाबा के बुलडोजर’ का खौफ इन भू-माफियाओं के मन से निकल चुका है, तभी तो दोबारा बेशकीमती चौराहे की जमीन को निशाना बनाया गया है।

किसान यूनियन ने खोला मोर्चा

इस भ्रष्टाचार और अवैध कब्जे के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) ने हुंकार भरी है। यूनियन के नेता उमेश गोस्वामी ने जिलाधिकारी से मिलकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि:

  • अवैध पट्टे को तत्काल निरस्त किया जाए।
  • सरकारी जमीन पर बने अवैध पक्के निर्माण को ध्वस्त किया जाए।
  • दोषी राजस्व कर्मियों और प्रधान प्रतिनिधि पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।

बड़ा सवाल: क्या जिला प्रशासन इस बार भी केवल कागजी खानापूर्ति करेगा या फिर प्रस्तावित पुलिस चौकी की जमीन को इन सफेदपोश डकैतों से मुक्त कराकर कानून का इकबाल बुलंद करेगा?

कुदरहा चौराहे का यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। देखना होगा कि जिलाधिकारी इस “जमीन डकैती” पर क्या एक्शन लेते हैं।

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