उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री के मार्ग दर्शन में अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस नीति के प्रति यूपी पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री के मार्ग दर्शन में अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस नीति के प्रति यूपी पुलिस पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
लखनऊ।
वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज
जीरो टालरेंस की इस नीति के तहत ही यूपी पुलिस न केवल 25 करोड़ लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने में बल्कि सभी पर्व एवं त्यौहारों को शान्तिपूर्वक कराने में सक्षम है ।
सरकार के इन प्रयासों के क्रम में आने वाली विशिष्ट चुनौतियो का सामना करने के लिए यूपी पुलिस ने एक नया मिशन अस्मिता लॉन्च किया था जिसमें पूर्व में अवैध धर्म परिवर्तन के सिंडिकेट के 02 नामजद अभियुक्त 1-मो0 उमर गौतम पुत्र धनराज सिंह गौतम, 2-मुफ्ती जांहगीर आलम कासमी पुत्र ताहिर अख्तर को यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया था ।
हाल ही में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन के अवैध धर्म परिवर्तन के सिंडिकेट का यूपी एसटीएफ व एटीएस द्वारा पर्दाफाश करते हुए नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है ।
यह अभियान जिहाद के नाम पर अन्तर्राष्ट्रीय जिहादी फंडिंग प्राप्त करने, radicalization करने व राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के उद्देश्य से लव जिहाद अवैध धर्मान्तरण, डार्क वेब व अन्य नेटवर्क के जरिए गम्भीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध है ।
इसी कड़ी में जनपदीय पुलिस आगरा के पुलिस आयुक्त श्री दीपक कुमार के नेतृत्व में कार्य करते हुए 06 राज्यों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जो देश के विभिन्न राज्यों में विशेष तौर पर कम उम्र की लड़कियों को प्रलोभन, लव जिहाद एवं अन्य तरीकों से प्रभावित कर धर्मांतरण के कार्य में लिप्त है । अवैध धर्मांतरण का यह Modus-operandi, ISIS का सिग्नेचर स्टाइल है ।
अभियुक्तों की गिरफ़्तारी-
I. आयशा (एस.बी. कृष्णा) – गोवा
II. अली हसन (शेखर रॉय) – कोलकाता
III. ओसामा- कोलकाता
IV. रहमान कुरैशी- आगरा
V. अब्बू तालिब- खालापार, मुजफ्फरनगर
VI. अबुर रहमान- देहरादून
VII. मोहम्मद अली- जयपुर, राजस्थान
VIII. जुनैद कुरैशी- जयपुर
IX. मुस्तफा (मनोज)- दिल्ली
X. मोहम्मद अली- जयपुर
अभी तक की प्रारम्भिक जांच में इस ग्रुप का सम्बन्ध PFI, SDPI एवं पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से भी होने के संकेत मिले है । जनपदीय पुलिस आगरा द्वारा की गयी इस उल्लेखनीय कार्यवाही में उत्तर प्रदेश की विशेषज्ञ एजेंसी एसटीएफ व एटीएस को भी सम्मिल्लित कर दिया गया एवं आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों की पुलिस तथा केन्द्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जा रहा
आगरा में मार्च माह में 2 सगी बहनों उम्र जिनकी 33 और 18 वर्ष है की गुमशुदगी उनके परिवार के द्वारा दर्ज की गयी जिसकी विवेचना (अन्तर्गत धारा 87, 111(3), 111(4) बीएनएस, 3/5 उ0प्र0 विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021) स्थानीय थाना सदर बाजार पुलिस तत्पश्चात साइबर थाना पुलिस को दी गयी।
घटना की तह में जाने पर घटना का संबंध, कई प्रदेश में बैठे हुए ऐसे लोगों से मालूम पड़ा जो कि Radicalisation, लव जिहाद में संलिप्त थे, जिनकी फंडिंग कनाडा और अमेरिका से हो रही थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 व अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था, उ0प्र0 को अवगत कराते हुए मेरे द्वारा स्वयं पर्यवेक्षण प्रारम्भ किया गया।
घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाने के बाद प्रकाश में आये 07 अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय से NBW लिया गया तथा बंगाल, गोवा, उत्तराखण्ड, दिल्ली, राजस्थान व उत्तर प्रदेश में 11 टीमों को भेजा गया। इस ऑपरेशन में कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
इस नेटवर्क में लव जिहाद का उपयोग कर तथा विदेश से प्राप्त धन से धर्म परिवर्तन व Radicalisation के साक्ष्य मिले है। यह प्रणाली ISIS का सिग्नेचर तरीका है।
गिरफ्तार अभियुक्त पूरे नेटवर्क में अलग-अलग रोल निभाते है। फंड प्राप्त करना, फंड को चैनलाइज करना, सैफ हाउस देना, लीगल एडवाइस देना, नये फोन व सिम प्रदान करना, प्रेम जाल में फंसाना, धर्म परिवर्तन के लिए सब्जबाग दिखाकर प्रेरित करना, धर्म परिवर्तन के कागज तैयार करना व Radicalized करना आदि शामिल है।