
वंदेभारतलाइवटीव न्युज, मंगलवार 10 फरवरी 2026
—–> प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार नये आयकर अधिनियम-2025 के ड्राफ्ट नियमों में पैन कार्ड की अनिवार्यता को लेकर कुछ बदलाव किए गए हैं। सरकार का इसके पीछे उद्देश्य यह है कि छोटे वित्तीय लेन-देन पर कागजी कार्यवाही को कम करना है। पैन कार्ड के प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब एक वित्तीय वर्ष में दस लाख रूपय या उससे अधिक के नगद राशि के निकालने या जमा करने पर ही पैन नंबर देना जरूरी होगा। जानकारी अनुसार अभी वर्तमान में बैंकिंग कंपनी या को- ऑपरेटिव बैंक में एक दिन में पचास हजार रुपए से अधिक के नगद राशि को निकालने या जमा करने पर पैन कार्ड देना अनिवार्य होता है। भारत सरकार के इस फैसले से आम नागरिकों को और छोटे स्तर के व्यापारियों को इससे राहत मिल सकती है। किसी हाॅटल के बिल को चुकाने के लिए पैन कार्ड की लिमिट पचास हजार रुपए से बढ़ाकर अब एक लाख रूपय तक की गई है। मतलब है कि बिल एक लाख रूपय से कम का है तो इसके लिए पैन कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। और यही नियम कन्वेंशन सेंटर और इवेंट मैनेजमेंट के भुगतान पर भी लागू रहेगा। प्रापर्टी की खरीदी बिक्री पर या उपहार आदि के मामले में यह लिमिट दस लाख रूपय से बढ़कर बीस लाख रूपय तक करने का प्रस्ताव भी है। यदि कोई पांच लाख रूपय से अधिक कीमत की मोटरसाइकिल या कोई अन्य वाहन खरीदता है तो फिर पैन नंबर देना जरूरी होगा। मौजूदा नियमों में दुपहिया वाहन के लिए पैन नंबर की कोई अनिवार्य शर्त नहीं थी, जबकि चार पहिया वाहनों के लिए इसकी कीमत चाहे जो भी हो पैन नंबर देना जरूरी था। जानकारी अनुसार अब पांच लाख रूपय तक के वाहनों को इस दायरे से बाहर रखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार किसी भी बीमा कंपनी के साथ एकाउंट बेस्ट रिलेशनशिप शुरु करने के लिए पैन नंबर अनिवार्य होगा। अभी तक केवल पचास हजार रुपए से अधिक के जीवन बीमा किश्तों पर पैन नंबर मांगा जाता रहा है। ” एकाउंट बेस्ट रुपए का तात्पर्य यह है कि अब बीमा की पॉलिसी लेने पर बैंक की तरह ही आपका एक स्थाई प्रोफाइल या खाता खुलेगा। जानकारी के अनुसार क्रिपटो एक्सचेंज को अब आयकर विभाग के साथ जानकारी साझा करना जरूरी रहेगा। डिजिटल करेंसी को भी अब इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के रूप में स्वीकार किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी के बजट-2026 के ऐलानों के बाद सीबीडीटी ने इन प्रावधानों पर जनता अंल और स्टेक होल्डर्स से सुझाव भी मांगे गए हैं। जानकारी के अनुसार मार्च 2026 के प्रथम सप्ताह तक इन सुझावों के आधार पर नियमों को फायनल कर दिया जायेगा , और इसके पश्चात 01 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम और यह सभी नये नियम भी पूरे देश में लागू किए जा सकेंगे।




