वाराणसी के पूर्व सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार निलंबित, दो महीने पहले मिली थी जिले की कमान
वाराणसी के पूर्व सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार निलंबित, दो महीने पहले मिली थी जिले की कमान
वाराणसी के पूर्व सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार निलंबित, दो महीने पहले मिली थी जिले की कमान )। वाराणसी के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुकेश कुमार पर शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनकी जगह डॉ. एन.पी. सिंह ने 11 अगस्त को वाराणसी के नए सीएमओ के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। निलंबित डॉ. मुकेश कुमार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, महानिदेशालय लखनऊ से सम्बद्ध किया गया है।
2 जून को संभाला था पदभार, 2 महीने में गिरी गाज
डॉ. मुकेश कुमार ने इसी वर्ष 2 जून को वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पदभार संभाला था। हालांकि, महज दो महीने से थोड़े अधिक समय के कार्यकाल में ही शासकीय कार्यों में बरती गई लापरवाही और शिथिलता के चलते शासन ने यह कड़ा कदम उठाया है।
निलंबन के मुख्य कारणअपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. मुकेश कुमार के विरुद्ध ‘उ.प्र. सरकारी सेवक नियमावली, 1999’ के नियम-4(1) के तहत अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। उन पर निम्नलिखित गंभीर आरोप हैं:
* शासकीय कार्यों एवं दायित्वों के प्रति घोर उदासीनता बरतना।
* सी.एम. डैशबोर्ड (CM Dashboard) पर वाराणसी जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति असंतोषजनक होना।
* आई.जी.आर.एस. (IGRS) शिकायतों और प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करना।
* मातहत कर्मचारियों और अधीनस्थों पर ढीला पर्यवेक्षण।
* ‘उ.प्र. सरकारी कर्मचारी आचरण-नियमावली, 1956’ के नियम-3 का उल्लंघन करना।
निलंबन अवधि के नियम व नियम शर्तें
जारी किए गए शासकीय आदेश के अनुसार, निलंबन की अवधि के दौरान डॉ. मुकेश कुमार को वित्तीय नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) देय होगा। यह भुगतान तभी किया जाएगा जब वे इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे कि वे निलंबन अवधि में किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार या व्यावसायिक गतिविधि में सम्मिलित नहीं हैं।
कार्रवाई के तुरंत बाद, 11 अगस्त को डॉ. एन.पी. सिंह ने वाराणसी के नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने और सी.एम. डैशबोर्ड व आई.जी.आर.एस. प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने को अपनी प्राथमिकता बताया।







