
हाथरस सिकंदराराऊ ।सिलीगुड़ी में ड्यूटी के दौरान असमय काल का ग्रास बने भारतीय सेना के जांबाज सूबेदार मनोज यादव का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव नगला मनी (देहगंवा) पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। नम आंखों और गगनभेदी नारों के बीच सैन्य सम्मान के साथ वीर जवान को अंतिम विदाई दी गई। सिलीगुड़ी में हुआ था आकस्मिक निधनसूबेदार मनोज यादव पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में देश की सेवा में तैनात थे। बुधवार को ड्यूटी के दौरान उनका आकस्मिक निधन हो गया था। सैन्य औपचारिकताओं के बाद उनके पार्थिव शरीर को विशेष सैन्य वाहन से उनके गृह जनपद लाया गया।

गुरुवार को जैसे ही शहीद सूबेदार का तिरंगे में लिपटा शव सैन्य वाहन से गांव नगला मनी पहुंचा, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मनोज यादव के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। देशभक्ति के जज्बे से सराबोर युवाओं ने “जब तक सूरज चांद रहेगा, मनोज यादव का नाम रहेगा” और “सूबेदार मनोज यादव अमर रहे” के नारे लगाए, जिससे पूरा आसमान गूंज उठा।

अंतिम संस्कार के समय सेना की टुकड़ी ने अपने साथी जांबाज को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। जवानों ने हवा में गोलियां दागकर और मातमी धुन बजाकर शहीद को अंतिम सलामी दी। इसके बाद उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। परिजनों द्वारा मुखाग्नि देते ही वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।



