
महुली, सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
सोनभद्र के दुद्धी तहसील क्षेत्र के ग्राम महुली के लिए यह क्षण अत्यंत गर्व और खुशी का है, जब गांव के एक साधारण परिवार से निकलकर आदिवासी समाज के होनहार युवा धनंजय सिंह आयाम ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है। उनका चयन SSC CGL 2025 के माध्यम से रक्षा मंत्रालय के CGDA (Controller General of Defence Accounts) विभाग में लेखा परीक्षक (Auditor) पद पर हुआ है। इस उपलब्धि से पूरे गांव में उत्साह और गर्व का माहौल है।
धनंजय सिंह आयाम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ननिहाल सिंगरौली में रहकर पूरी की। उन्होंने वर्ष 2019 में CBSE बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद वर्ष 2021 में इंटरमीडिएट (CBSE) में 83 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन को बरकरार रखा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने निरंतर मेहनत करते हुए वर्ष 2024 में बीएससी (माइक्रोबायोलॉजी) की डिग्री 6.9 सीजीपीए के साथ प्राप्त की।
धनंजय के पिता प्रभाकर नंदन सिंह आयाम एवं माता संगीता देवी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने पुत्र को शिक्षा के प्रति हमेशा प्रेरित किया। सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े धनंजय ने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत हो, तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में नहीं आ सकती।
गांव के लोगों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने धनंजय की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। ग्रामीणों का कहना है कि धनंजय ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे महुली और सोनभद्र जिले का नाम रोशन किया है। उनकी यह सफलता खासकर आदिवासी समाज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है।
आज धनंजय सिंह आयाम की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि गांव की मिट्टी में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत है उसे सही दिशा और अवसर देने की। उनकी सफलता निश्चित रूप से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।







