
शासकीय प्राथमिक शाला पेण्ड्रावन (बाजार चौक) में बरसात के मौसम में लगातार जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके समाधान हेतु स्कूल प्रबंधन द्वारा जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद 13 मार्च 2026 को मनपसार शिविर में भी पुनः निवेदन किया गया, परंतु हैरानी की बात यह है कि लगभग डेढ़ से दो माह बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नज़र नहीं आई है।
स्कूल परिसर में बारिश के दौरान इतना जलभराव हो जाता है कि सांप-बिच्छू का खतरा बना रहता है। इसकी वजह मेन रोड (पीडब्ल्यूडी) के निकासी ढोल का अंदर से टूट जाना बताया जा रहा है, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह रुक चुकी है।
स्कूल के प्रधानपाठक के अनुसार, उन्होंने इस समस्या की जानकारी कई बार उच्च अधिकारियों को भी दी है, लेकिन फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों और पालकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो जाता है, जबकि शासन के जनसमस्या निवारण शिविरों का उद्देश्य लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना है।
अब सवाल उठता है कि—
क्या जनसमस्या निवारण शिविर सिर्फ जनता को आकर्षित करने का साधन बनकर रह गया है?
अगर शिविर में कार्यवाही होती है, तो पेण्ड्रावन स्कूल की समस्या अभी तक क्यों अनसुलझी है?
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द पीडब्ल्यूडी को निर्देशित कर नया ढोल निर्माण कराया जाए, ताकि स्कूल में जलभराव की समस्या समाप्त हो सके और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीण इसका विरोध दर्ज कराने की चेतावनी भी दे रहे हैं।









