
बैरिया बलिदान दिवस पर युवा समाजसेवी रणादिब्यन्त प्रताप सिंह ने शहीदों को किया नमन, सैकड़ों युवाओं के साथ शहीद स्मारक पहुंचे
बैरिया। बैरिया बलिदान दिवस के अवसर पर मंगलवार को शहीद स्मारक बैरिया पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों का तांता लगा रहा। इसी क्रम में युवा समाजसेवी रणादिब्यन्त प्रताप सिंह अपने सैकड़ों युवा साथियों के साथ शहीद स्मारक पहुंचे और अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके त्याग, साहस और बलिदान को नमन किया।
इस दौरान युवाओं ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बैरिया के अमर सपूतों को श्रद्धापूर्वक याद किया। शहीद स्मारक परिसर में पहुंचकर रणादिब्यन्त प्रताप सिंह ने शहीदों के स्मृति स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उनके साथ बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने भी शहीदों को नमन करते हुए राष्ट्रहित और समाजहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
युवा समाजसेवी रणादिब्यन्त प्रताप सिंह ने कहा कि बैरिया की धरती केवल इतिहास की साक्षी नहीं, बल्कि त्याग, शौर्य और स्वाभिमान की जीवंत प्रेरणा है। यहां के वीर सपूतों ने स्वतंत्रता आंदोलन में जिस साहस और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब युवा पीढ़ी उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हुए समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाए।
उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज के दौर में देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा, अनुशासन, सेवा और सामाजिक एकजुटता है। युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर सैकड़ों युवा साथी मौजूद रहे। शहीद स्मारक परिसर में देशभक्ति और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। युवाओं ने अमर शहीदों के सम्मान में नमन करते हुए उनके आदर्शों और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
बैरिया बलिदान दिवस पर युवाओं की यह सहभागिता इस बात का संदेश देती नजर आई कि शहीदों की शहादत केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रप्रेम, साहस और कर्तव्यबोध की प्रेरणा है।







