छत्तीसगढ़ में फर्जी होमकेयर सेवाओं के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इन सेवाओं की गहन जांच कर 6 दिनों के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी इस मामले में सख्त कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।
फर्जी सेवाओं के खिलाफ आरोप
जांच में यह पाया गया है कि कुछ होमकेयर सेवाएं युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठग रही हैं। इन सेवाओं द्वारा 20,000-25,000 रुपये मासिक वेतन, भोजन और रहने की सुविधा का वादा किया जाता है, लेकिन बाद में उनसे बंधुआ मजदूरी कराई जाती है।

CMHO का कड़ा निर्देश
CMHO ने सभी जिलों के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फर्जी सेवाओं की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा:
फर्जी होमकेयर सेवाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए यह जरूरी कदम है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया है कि फर्जी सेवाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। फ्तरों में ज्ञापन सौंपा गया प्रदर्शनकारियों ने CMHO कार्यालय, जस्ट डायल, सिविल लाइन्स स्थित साइबर क्राइम दफ्तरों में ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा, साइबर क्राइम कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई गई और फर्जी होमकेयर सेवाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
प्रमुख मांगें
1. फर्जी सेवाओं की गहन जांच और उन्हें बंद करना।
2. ठगी का शिकार हुए युवाओं को न्याय और सहायता।
3. दोषियों पर FIR दर्ज कर सख्त सजा।
4. प्रभावित युवाओं को आर्थिक राहत प्रदान करना।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने 6 दिनों के भीतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। यह कदम छत्तीसगढ़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एक सख्त संदेश है।











