

भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने जनपद में अवैध चिकित्सा प्रैक्टिस एवं बिना योग्यताओं के की जा रही एनेस्थीसिया एवं सर्जरी के सम्बंध में एडवाइजरी जारी की है।
आईएमए बिजनौर द्वारा जारी विज्ञति में बताया गया कि भारतीय चिकित्सा संघ के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा बिना आवश्यक डिग्री, प्रशिक्षण एवं वैधानिक अधिकारों के चिकित्सा कार्य किया जा रहा है।
विशेष रूप से अनाधिकृत व्यक्तियों जैसे तकनीशियन या बीएमएस/आयुष चिकित्सकों द्वारा बिना वैध प्रशिक्षण या अनुमति के एनेस्थीसिया का प्रयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं सिजेरियन ऑपरेशन, लैप्रोस्कोपिक कोलेस्टेिक्टॉमी तथा अन्य बड़े ऑपरेशन ऐसे व्यक्तियों द्वारा किये जा रहे हैं, जो एमबीबीएस /एमएस/डीएनबी या उचित सर्जिकल योग्यता नहीं रखते।
आईएमए बिजनौर का कहना है कि रोगों की सुरक्षा के लिये यह अत्यंत हानिकारक है। साथ ही चिकित्सकीय नैतिकता एवं मानकों का उल्लंपन है तथा एनएमसी एक्ट 2019, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों तथा मेडिकल काउंसिल नियमों के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
आईएमए बिजनौर ऐसे अवैध, असुरक्षित और गैर व्यावसायिक चिकित्सा कायों की कड़ी निंदा करता है तथा आईएमए के सभी सदस्यों को निर्देशित किया है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति, संस्था या प्रक्रिया का समर्थन या सहयोग न करें, जो बिना आवश्यक योग्यता के एनेस्थीसिया या सर्जरी कर रहा हो। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे मामलों की सूचना नियमाक संस्थाओं को दी जाये।
यदि आईएमए का कोई सदस्य ऐसे अवैध चिकित्सीय कार्यों में सम्मिलित होता है तो इसके परिणामस्वरूप होने वाली किसी भी कानूनी कार्रवाई, सिविल क्रिमिनल जिम्मेदारी अथवा अन्य दंडात्मक परिणाम के लिये आईएमए बिजनौर किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होगा।
अंत में आईएमए बिजनौर ने सभी सदस्यों से अपेक्षा की है कि वे चिकित्सा नैतिकता, पेशेवर मर्यादा तथा रोगी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और चिकित्सकीय पेशे की गरिमा को बनाये रखें। बता दें कि बिजनौर जनपद में बड़े पैमाने पर फर्जी अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनमें अयोग्य व अप्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा रोगियों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे में आईएमए बिजनौर की एडवाइजरी बहुत महत्वपूर्ण है।




