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मदहोश पीसीओ ने जीआर एस को दी क्लीन चिट 

भ्रष्टाचारी को बचाने का साफ सबूत 

सीधी। पंचायत में अंधेरगर्दी की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में होने पर जिस पीसीओ को जांच सौंप गई मदहोशी के आलम में वह यह भी भूल गए कि जांच प्रतिवेदन में लिख क्या रहे हैं या फिर चांदी के जूतो ने उन्हें ऐसा लिखने पर मजबूर कर दिया।

मामला है ग्राम पंचायत करैल विकासखंड क्षेत्र कुसमी जिला सीधी का जहां रोजगार सहायक सह प्रभारी सचिव ने शासन की योजनाओं में लीपा पोती कर करोड़ों की मिल्कियत खड़ी की । भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत के बावजूद जिम्मेदार प्रशासन ने जब कोई कार्यवाही नहीं की तो फिर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई गई और यह अपेक्षा थी की निष्पक्ष जांच होगी लेकिन जिस पीसीओ को यह जाच सौपी गई उन्होंने अपनी जांच प्रतिवेदन में क्या लिखा इस पर नजर डालिए।

पहली शिकायत-

रमाशंकर पिता शिव प्रसाद निवासी ग्राम चंदरसा को जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15-007-037-009 /22 -B और जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15- 007-037-0 06/105 -A मैं काम करना बताया गया है। इस तरह एक ही व्यक्ति के दो जॉब कार्ड कूट रचना और फर्जी दस्तावेजों से बनाए गए हैं। रमाशंकर पिता शिव प्रसाद ग्राम पंचायत करैल में चौकीदार के पद पर पदस्थ है। चौकीदार का पद पूर्णकालिक है जिसके लिए उन्हें मानदेय का भुगतान किया गया है। इसलिए रमाशंकर जॉब कार्ड में मजदूरी नहीं कर सकते हैं फिर भी फर्जी ढंग से उन्हें मजदूरी करना बता कर मजदूरी का आहरण और गबन किया गया है।

अब देखिए पक ने इसका क्या समाधान निकाला –

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IMG 20251210 133354 1लेकिन तथाकथित जांच अधिकारी पीसीओ महोदय शायद यह भूल गए कि 8 घंटे से अधिक काम लेना श्रम कानूनों का उल्लंघन है।

दूसरी शिकायत-

जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15-007-037-006/21-B मैं भुवनेश्वर पिता मोहर सिंह निवासी कांसखेड़ा को डिमांड आईडी क्रमांक 328517 मैं दिनांक 20 मई 2022 से 26 मई 2022 तक तालाब जीणोद्धार कार्य करैल मैं काम करना लेख किया गया है और जॉब कार्ड क्रमांक- एमपी -15-007-037-006/135/A मैं डिमांड आईडी 328520 दिनांक 20 में 2022 से 26 में 2022 तक भुवनेश्वर पिता मोहर सिंह निवासी कांसखेड़ा को ही तालाब जीणोद्धार कार्य करैल में काम करना बताया गया है। इस तरह एक आदमी के नाम पर तो जॉब कार्ड बनाकर दोनों में एक साथ एक ही जगह पर काम करना दिखाकर फर्जी तरीके से मजदूरी का आहरण कर गबन किया गया है।

पीसीओ का समाधान –

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भुवनेश्वर पिता मोहर सिंह निवासी कांसखेड़ा ग्राम पंचायत करैल के नाम पर बनाया गया जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15-007-037-006/21-B और जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15-007-037-006/35- A यहां पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है और यह भी साफ-साफ लिखा हुआ है कि दोनों ही जॉब कार्डों में भुवनेश्वर ने 20 मई 2022 से 26 मई 2022 तक तालाब जिला जीणोद्धार में काम किया है जिसके लिए उन्हें भुगतान भी किया गया है फिर भी यह पीसीओ महोदय को नजर नहीं आया।

तीसरी शिकायत-

शिव प्रसाद पिता बंधु निवासी ग्राम करैल को जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15-007-037-004/ 272 -A मैं शिव प्रसाद को मांग संख्या 48578 में दिनांक 2 अप्रैल 2021 से 8 अप्रैल 2021 तक डग पॉन्ड निर्माण चंदरसा बेलवारी नाला के पास पावर मांग संख्या 110 137 में दिनांक 10 अप्रैल 2021 से 16 अप्रैल 2021 तक डग पॉन्ड निर्माण बहेरहा पानी चंदरसा मैं काम करना बताया गया है जबकि जॉब कार्ड संख्या एमपी -15-007-037-004 /274 -B मैं शिवप्रसाद पिता बंधु निवासी ग्राम करैल को मांग संख्या 48 636 में 2 अप्रैल 2021 से 8 अप्रैल 2021 तक डग पॉन्ड निर्माण मछरकटा और मांग संख्या 110196 में 10 अप्रैल 2021 से 16 अप्रैल 2021 तक पौड निर्माण इमली डैड ग्राम मछरकटा मैं काम करना लेखकर मजदूरी का आहरण किया गया है। इस तरह दो फर्जी जॉब कार्ड बनाकर एक ही व्यक्ति को एक ही समय में दो अलग-अलग जगह पर काम करना दिखा कर फर्जी तरीके से मजदूरी का आहरण कर गबन किया गया है।

पीसीओ का समाधान-

 

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यहां शिवप्रसाद पिता बंधु निवासी ग्राम करैल के दो जॉब कार्ड क्रमशः एमपी- 15-007-037-0 04-274/ B और एमपी- 15-007-037-004/ 272 -B मौजूद है जिम साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दोनों ही जॉब कार्ड में अलग-अलग मांग संख्या पर एक ही काम एक ही तारीख में शिव प्रसाद से कराया गया है और उसके लिए भुगतान भी किया गया है।

सवाल यह उठता है कि पीसीओ महोदय इसे फर्जी दस्तावेज संधारण और गबन का मामला क्यों नहीं मानते हैं यह तो बस एक ही सूरत में संभव है कि कहीं इसमें उनकी भी संलिप्तता तो नहीं है, ऐसे में भला वे अपने सहयोगी और खुद को दोषी कैसे ठहरा सकते हैं।

सीएम हेल्पलाइन में किस तरह के समाधान निकालकर शिकायतों को बंद किया जा रहा है यह स्पष्ट तौर पर देखा और समझा जा सकता है लेकिन जनता के पैसों की चोरी हुई है उसका हिसाब तो देना ही पड़ेगा भले ही देर से सही।

 

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