

डीडवाना-कुचामन, राज्य सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण 17 जून को ग्राम ममडोदा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिला।
ग्राम भंडारी एवं मामडोदा के खातेदार अमर सिंह, भरत सिंह, भंवर सिंह एवं संजय सिंह पुत्र श्री गोविंद सिंह, जाति राजपूत लंबे समय से अपनी कृषि भूमि के सहमति विभाजन की समस्या से जूझ रहे थे। भूमि का विधिवत विभाजन नहीं होने के कारण राजस्व अभिलेखों में हिस्सेदारी स्पष्ट नहीं थी, जिससे विभिन्न प्रशासनिक, बैंकिंग एवं कृषि संबंधी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
ग्रामीण सेवा शिविर में उपस्थित होकर खातेदारों ने अपनी समस्या तहसीलदार छोटी खाटू के समक्ष रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार द्वारा तत्काल संबंधित हल्का पटवारी एवं राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों एवं पक्षकारों की सहमति के आधार पर मौके पर ही सहमति विभाजन का प्रस्ताव तैयार किया गया तथा नियमानुसार आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
शिविर में ही त्वरित कार्यवाही करते हुए वर्षों से लंबित प्रकरण का निस्तारण कर दिया गया। इससे सभी खातेदारों को उनकी भूमि के हिस्से का स्पष्ट एवं वैधानिक अधिकार प्राप्त हो गया।
प्रकरण के त्वरित निस्तारण पर खातेदारों ने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का समाधान अब उनके गांव में ही संभव हो रहा है। वर्षों से लंबित कार्य का एक ही दिन में निस्तारण प्रशासन की जनसेवा एवं संवेदनशील कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।









