

डीडवाना-कुचामन, राज्य सरकार के निर्देशानुसार जन कल्याण शिविरों के अंतर्गत जिले में आयोजित हो रहे ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रहे हैं।
इसी क्रम में बुधवार को छोटी खाटू तहसील की ग्राम पंचायत मामडोदा में लगे ग्रामीण सेवा शिविर में वहीं के निवासी हरिराम ने मौखिक रूप से तहसीलदार को बताया कि उनके व भाई के बीच खेतों का विभाजन करना है। तहसीलदार छोटी खाटू ने हल्का पटवारी को बुलाकर तत्काल रिकॉर्ड के आधार पर बंटवारा तैयार करने को कहा जिस पर पटवारी हल्का ने तत्काल विभाजन प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृत करवा दिया।
20 साल से आपसी सहमति नहीं होने से नहीं हुआ था विभाजन … आज एक ही दिन में काम हो गया।” – ये शब्द हैं 58 वर्षीय बुधाराम जी के, जिनकी आंखों में खेतों का विभाजन होते ही खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने बताया कि वे 2006 से खेती करते है पर जमीन अपने नाम न होने से पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा, बैंक लोन, कुछ नहीं मिल पा रहा था।
ग्रामीण सेवा शिविर की सूचना मिलते ही हरिराम व बुधाराम जी तहसीलदार के पास पहुंचे। राजस्व विभाग की टेबल पर पटवारी, गिरदावर सब एक साथ बैठे थे।
सिर्फ 15 मिनट में मौके पर ही दस्तावेज चेक हुए, पटवारी ने रिपोर्ट लगाई, तहसीलदार ने साइन किए और हाथों-हाथ विभाजन हो गया।
मौके पर ही भूमि विभाजन होने पर हरिराम जी व बुधराम जी ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण सेवा शिविर लगाकर बहुत ही अच्छा कार्य किया है, जिससे हम जैसे अनेक लोग लाभांवित हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार के साथ जिला प्रशासन का भी आभार जताया।



