
शाहाबाद, हरदोई। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शाहाबाद स्थित अपर पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण के कार्यालय में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावुक और आत्मीय तस्वीर देखने को मिली। नन्हीं साक्षी राठौर ने एएसपी आलोक राज नारायण की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना भाई माना और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। मासूम बच्ची के इस स्नेह और अपनत्व से पुलिस कार्यालय का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह पारिवारिक हो गया।
साक्षी ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ एएसपी की कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद उन्होंने एएसपी को मिठाई खिलाई और पर्व की बधाई दी। नन्हीं बच्ची के इस स्नेह को देखकर एएसपी आलोक राज नारायण के चेहरे पर भी मुस्कान खिल उठी। उन्होंने साक्षी को स्नेह दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर एएसपी आलोक राज नारायण ने कहा कि पुलिस सेवा में रहते हुए अधिकांश समय ड्यूटी और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों में व्यतीत होता है। कई बार महत्वपूर्ण पर्वों पर भी पुलिसकर्मियों को अपने परिवार से दूर रहकर लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था संभालनी पड़ती है। ऐसे में रक्षाबंधन जैसे अवसर जब किसी बच्ची का स्नेह और अपनापन मिलता है तो वह परिवार से दूर रहने की कमी को काफी हद तक कम कर देता है। उन्होंने कहा कि साक्षी द्वारा राखी बांधा जाना उनके लिए बेहद खुशी और भावुक करने वाला क्षण है।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और मिठाई खिलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच विश्वास, प्रेम, सुरक्षा और जिम्मेदारी के मजबूत रिश्ते का प्रतीक है। समाज में ऐसे अवसर आपसी भाईचारे, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को भी मजबूत करते हैं।
इसके बाद नन्हीं साक्षी राठौर ने कार्यालय में मौजूद अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की कलाइयों पर भी राखी बांधी। पुलिसकर्मियों ने बच्ची का उत्साह बढ़ाते हुए उसे स्नेह और आशीर्वाद दिया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि ड्यूटी के दौरान उन्हें आम लोगों के बीच परिवार जैसा अपनापन मिलता है और ऐसे आयोजन उनके मनोबल को भी बढ़ाते हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस कार्यालय में कुछ समय के लिए ऐसा माहौल बना, जिसमें वर्दी की जिम्मेदारियों के साथ मानवीय रिश्तों की गर्माहट भी साफ दिखाई दी। आमतौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में व्यस्त रहने वाले पुलिसकर्मियों के चेहरों पर भी बच्ची की मासूमियत और स्नेह के चलते खुशी नजर आई।
इस दौरान नन्हीं साक्षी की मासूम मुस्कान, पुलिसकर्मियों का स्नेह और राखी के पवित्र धागे ने यह संदेश दिया कि रिश्तों की आत्मीयता किसी औपचारिकता की मोहताज नहीं होती। रक्षाबंधन का यह छोटा सा आयोजन पुलिस कार्यालय के लिए भावनात्मक रूप से खास बन गया और भाई-बहन के रिश्ते के साथ सामाजिक सौहार्द, अपनत्व तथा मानवीय संवेदनाओं की सुंदर मिसाल पेश कर गया।






