
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ :
पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर ड्यूटी के दौरान गडचिरोली जिले के कुरखेडा तहसील के मरारटोला गांव के निवासी और BSF के जवान सुरेश दुर्गू आंबडर (35) 23 जुलाई को शहीद हो गए। आतंकियों की गोलीबारी में वे वीरगति को प्राप्त हुए। इस खबर से पूरे गडचिरोली जिले में शोक की लहर है। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को गृह गांव में सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए लाया जाएगा।
सीमा पर घुसपैठ रोकने के दौरान हुआ बलिदान
भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए BSF द्वारा इस समय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आधुनिक तकनीक से लगे स्मार्ट फेंस, रडार सिस्टम के साथ-साथ सुंदरबन जैसे दुर्गम इलाकों में स्पीड बोट और तैरती सीमा चौकियों से गश्त की जा रही है।
इसी अभियान के दौरान हुए हमले में जवान सुरेश आंबडर ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
साधारण किसान परिवार से थे सुरेश
सुरेश आंबडर एक सामान्य किसान परिवार से थे। मुश्किल हालातों से जूझते हुए उन्होंने BSF में भर्ती होकर देश सेवा का सपना पूरा किया। सिर्फ 300 लोगों की आबादी वाले मरारटोला गांव से निकलकर उन्होंने कड़ी मेहनत से वर्दी पहनी।
कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और देशभक्ति के कारण वे गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए थे। उनके पीछे माता-पिता, भाई, पत्नी और एक छोटी बेटी है। परिवार के सहारे के अचानक चले जाने से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सरकारी सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने बताया, “गृह मंत्रालय से इस संबंध में जानकारी मिल गई है। जिला प्रशासन शहीद सुरेश आंबडर के परिवार के लगातार संपर्क में है। कल शाम तक उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंच जाएगा। देश की रक्षा के लिए दिया गया उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।”
वीर जवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम तक मरारटोला गांव लाया जाएगा, जहां पूरे सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।












