
<img src=”https://vandebharatlivetvnews.com/wp-content/uploads/2026/07/IMG_20260725_201926_960-300×300.jpg” alt=”” width=”300″ height=”300″ class=”alignnone size-medium wp-image-700487″ /
सुमिता शर्मा चंद्रपुर महाराष्ट्र:
भारतीय संस्कृति और परंपराओं से नई पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से शहर के मध्य स्थित राणी राजकुंवर प्राथमिक स्कूल में शुक्रवार, 25 जुलाई को आषाढ़ी एकादशी का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर स्कूल में पंढरपुर की प्रसिद्ध वारी का आयोजन किया गया। छोटे-छोटे विद्यार्थी वारकरी के वेश में ढोल मंजीरे की गूंज के साथ नाचते-गाते ऐसे निकले मानो वे सचमुच भगवान विठ्ठल के दर्शन के लिए पंढरपुर जा रहे हों।
वारी के साथ दिया पर्यावरण का संदेश
इस धार्मिक आयोजन को खास बनाने के लिए वारी में पर्यावरण और वृक्ष संरक्षण का संदेश भी जोड़ा गया। बच्चों ने हाथों में पर्यावरण बचाओ की तख्तियां लेकर नारे लगाए और लोगों को पेड़ लगाने तथा प्रकृति का संरक्षण करने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल प्रशासन का कहना है कि सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर बच्चों में त्योहारों के प्रति रुचि पैदा करने और साथ ही सामाजिक जागरूकता फैलाने के लिए ऐसा आयोजन किया गया।
शिक्षकों की रही सक्रिय सहभागिता
इस वारी में स्कूल की मुख्याध्यापिका _सरिता सोनकुसरे के साथ शिक्षिकाएं रसिका पोटे, रागिणी नंदुरकर, उमा पवार, संपदा संगेवार, रविना तामटकर, शीतल खोब्रागडे_ और शिक्षक अजय सरकार_ ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों ने बच्चों के साथ मिलकर भजन गाए और वारी का नेतृत्व किया।
कार्यक्रम के दौरान पूरे शाला परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। बच्चों के चेहरे पर उत्साह और भक्ति दोनों दिखाई दे रहे थे।
स्कूल प्रशासन ने बताया कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार और पर्यावरण के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।










