भारत-नेपाल मैत्री का मैदान बनेगा भैरहवा, पत्रकारों के बीच क्रिकेट मुकाबला कल
लुंबिनी प्रेस क्लब के आयोजन में होगा द्वितीय नेपाल-भारत पत्रकार मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच, विजेता-उपविजेता ट्रॉफी का अनावरण
भैरहवा, नेपाल। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से द्वितीय नेपाल-भारत पत्रकार मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच का आयोजन रविवार, 26 जुलाई को भैरहवा स्थित सिद्धार्थ क्रिकेट रंगशाला के खेल मैदान में किया जाएगा। मुकाबले में दोनों देशों के पत्रकारों की मीडिया टीमें हिस्सा लेंगी।
मैत्रीपूर्ण क्रिकेट मैच को लेकर शनिवार को भैरहवा के एक होटल सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान नेपाली मीडिया टीम के कप्तान एवं लुंबिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष कमल रायमाझी तथा भारतीय मीडिया टीम के कप्तान क्लब ऑफ महराजगंज के अध्यक्ष अमित त्रिपाठी ने विजेता और उपविजेता ट्रॉफी का अनावरण किया।
लुंबिनी प्रेस क्लब के अध्यक्ष एवं नेपाली मीडिया टीम के कप्तान कमल रायमाझी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक संबंध हैं। इन संबंधों को जनस्तर पर और अधिक मजबूत बनाने में पत्रकारों और संचारकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी भावना के साथ खेल के माध्यम से दोनों देशों के पत्रकारों के बीच मित्रता, भाईचारा, आपसी विश्वास और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सहयोगी की भूमिका निभा रहे रूपंदेही क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हरि बहादुर थापा ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होते हैं। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी भारत-नेपाल मैत्री को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।
वहीं, भारतीय मीडिया टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब ऑफ महराजगंज के अध्यक्ष अमित त्रिपाठी ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध सदियों पुराने हैं। इन संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से लुंबिनी प्रेस क्लब द्वारा लगातार दूसरे वर्ष भारतीय मीडिया टीम को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को लेकर भारतीय पत्रकारों में काफी उत्साह है। ऐसे कार्यक्रमों से दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक भीम भंडारी, लुंबिनी प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष दीपक घिमिरे, दीपेंद्र बडुवाल, संस्थापक अध्यक्ष माधव ढुंगाना, कुलमणी ज्ञवाली, शारदा मल्ल, शम्भू पंत, दीपेश पछाईं और कृष्ण ढकाल समेत भारत और नेपाल के बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।