

अंबेडकरनगर। केंद्र और प्रदेश सरकार जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, वहीं कटेहरी विकासखंड के ग्राम बंदनडीह भवानीपुर की एक महिला ने योजना का लाभ न मिलने का आरोप लगाकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
गांव की निवासी गायत्री तिवारी, पत्नी सूर्यनारायण तिवारी, का कहना है कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था और उनका नाम पात्रता सूची में भी शामिल था, लेकिन अंतिम सूची से उनका नाम हटा दिया गया। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक उन्हें आवास का लाभ नहीं मिल सका।
गायत्री तिवारी ने बताया कि उनके पास रहने के लिए अपना पक्का मकान नहीं है। वह अपने परिवार के साथ छप्पर के नीचे रहने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में घर में पानी भर जाने के कारण उन्हें अपना सामान अपने छोटे देवर के घर रखना पड़ता है। उनके देवर, जो दिल्ली में एक कंपनी में कार्यरत हैं, ने उन्हें तब तक अपने घर में रहने की अनुमति दी है जब तक उन्हें सरकारी आवास नहीं मिल जाता।
पीड़िता ने बताया कि उनके परिवार में पांच बेटियां हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पक्का मकान बनवाना संभव नहीं है। उनका कहना है कि यदि पात्र होने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलता है, तो यह शासन की मंशा के विपरीत है। उनका कहना है कि मैं मुख्य विकास अधिकारी अंबेडकर नगर को प्रार्थना पत्र दी थी। उसके बाद कटेहरी बीडीओ ने आकर जांच की। पता चला है कि मुझे जांच में अपात्र कर दिया गया है।
इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं। लोगों का कहना है कि यदि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।









