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हक और सम्मान की मांग को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षामित्र, कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने से लेकर शिक्षक पद पर समायोजन और 12 माह के मानदेय की उठी आवाज

हक और सम्मान की मांग को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षामित्र, कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने से लेकर शिक्षक पद पर समायोजन और 12 माह के मानदेय की उठी आवाज

बलिया। वर्षों से प्राथमिक विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों की विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में आवाज बुलंद हुई। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह के नेतृत्व में जिलेभर से जुटे शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा गया।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्रों ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में करीब 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षामित्र लगातार अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। शासन स्तर से समय-समय पर आदेश जारी होने के बावजूद कई समस्याएं अब तक लंबित हैं। संघ ने विशेष रूप से तीन जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के तहत मूल विद्यालय वापसी तथा महिला शिक्षामित्रों को पति के निवास स्थान के निकट विद्यालय में समायोजन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने की मांग की।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लखनऊ और बाराबंकी को छोड़कर अधिकांश जनपदों में यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इसके कारण अनेक शिक्षामित्रों को प्रतिदिन करीब 80 से 90 किलोमीटर तक की दूरी तय कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक और पारिवारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शिक्षक पद पर समायोजन की मांग

ज्ञापन में टीईटी एवं एनसीटीई की अर्हता पूरी करने वाले करीब 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी से छूट प्रदान कर शिक्षक पद पर समायोजित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। संघ का कहना है कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे और निर्धारित अर्हताएं पूरी करने वाले शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

इसके साथ ही शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग भी रखी गई। शिक्षामित्रों ने कहा कि उनकी सेवा अवधि और अनुभव को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि की जानी चाहिए।

11 के बजाय 12 माह का मानदेय मांगा

शिक्षामित्रों ने 11 माह के स्थान पर 12 माह का मानदेय दिए जाने की मांग भी की। इसके अलावा भविष्य में आयोजित होने वाली विशेष टीईटी परीक्षा में शिक्षामित्रों को शामिल होने का अवसर देने की मांग की गई, ताकि उन्हें आगे बढ़ने का उचित अवसर मिल सके।

दिवंगत शिक्षामित्रों के आश्रितों को सहायता की मांग

संघ ने दिवंगत शिक्षामित्रों के आश्रित परिवारों के लिए भी सरकार से राहत की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि दिवंगत शिक्षामित्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा पात्रता के अनुसार परिवार के एक सदस्य को रोजगार का अवसर दिया जाए।

शिक्षामित्र संघ ने मुख्यमंत्री से सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा लंबित प्रक्रियाओं का शीघ्र निस्तारण कराने का अनुरोध किया।

ज्ञापन देने वालों में प्रांतीय संयुक्त मंत्री अखिलेश पांडेय, जिला प्रवक्ता निर्भय नारायण राय, श्याम नन्दन मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी परवेज अहमद, जिला मंत्री हरेराम यादव, सत्येंद्र मौर्य, अजय सिंह अध्यक्ष मनियर, मंजूर हुसैन अध्यक्ष बेलहरी, इन्द्रकेश चौहान अध्यक्ष पंदह, अखिलेश वर्मा अध्यक्ष रेवती, भीरगुनाथ शर्मा बेरुआरबारी, लालजी वर्मा अध्यक्ष दुबहड़, फैसल अजीज अध्यक्ष नवानगर, शिवकुमार सिंह अध्यक्ष हनुमानगंज, संजय प्रसाद मंत्री पंदह, मनोज यादव, सुग्रीव साहनी, मृत्युंजय सिंह, राजीव कुमार, नरेंद्र वर्मा, मुकेश राय, अवधेश कुमार, सुधीर शुक्ला, दिलीप सिंह, जितेंद्र ओझा, अरविंद यादव, आशुतोष वर्मा, दिनेश कुमार राम, अखिलेश तिवारी, हरेंद्र कुमार, जगाधरी चौहान, जितेंद्र पाठक, आनंद उपाध्याय, रेखा सिंह, सरोज, संगीता भारती, पुष्पा यादव, अफरोज फातिमा, रिंकू सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे।IMG 20260725 WA0706 IMG 20260725 WA0647

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