अकोला स्थित डॉ.पंजाबराव देशमुख कृषी विद्यापिठ द्वारा स्थाई चौकिदार पर छल,तथा अन्याय। दोषी को विद्यापिठ प्रशासन द्वारा मिल रहा अभय.?
तक्रारकर्ते:-राजु रुपाजी ईगळे.(स्थाई चौकिदार)
डॉ.पंजाबराव देशमुख कृषी विद्यापिठ स्थाई चौकिदार द्वारा प्रशासन के विरोध मे 15 अगस्त(स्वातंत्र्य दिवस पर)आत्मदाह करने का ईशारा प्रशासन,कूलसचिव, तथा पत्रकार निवेदन मे नमुद .!
श्री. राजु इंगळे को सूरक्षा पर्यवेक्षक द्वारा हरबार मानसिक, शारिरीक दबाव,तथा जातीवाद तकलीफ दी जा रही थी। ईस विषयनुरुप 1 मे (कामगार दिवस)पर आत्मदाह ईशारा दिया गया था,पर प्रशासन द्वारा लिखित 30 दिन मे चौकशी,तथा कार्यवाही का आश्वासन दिया गया था। पर आज 90 दिन पूरे हो रहे है। पर दोषी पर कोई कार्यवाही नही हुवी,उलटा अर्जदार पर दबाव डाला जा रहा है। प्रशासन यहातक नही रुका उनका लडका जो पिछले दस साल से कंत्राटी वाहनचालक पद से विना कारन,विना नोटीस निकाल दिया गया है। साथ जो कर्मचारी साक्षी है,उन पर नौकरी से निकालेने का प्रचंड दबाव डाला जा रहा है।साथ मे जो अतिसंवेदनशील प्रभाग मे एक एकेले चौकिदार को लगाकर सोच समजकर जान का धोका निर्मित किया जा रहा है। ईस प्रकारसे मानवाधिकारों का हणन,उलंघण किया जा रहा है।
श्री राजु ईगळे को 13 अगस्त तक न्याय न मिलने पर विद्यापिठ परिसर मे आत्मदाह। कर अपना जीवन नष्ट करने लिखित पत्रक, निवेदन मा.राज्यपाल महाराष्ट्र राज्य, मा.कृषीमंत्री म.रा.अकोला. पूलिस अधिक्षक,अधिक्षक कार्यालय अकोला,तथा विद्यापिठ प्रशासन, वरिष्ठ अधिकारी को लिखित भेजा है। भविष्य मे अर्जदार पर गर अन्याय होता है,
जीवन,माल,तथा सामाजिक,आर्थिक, हानी की पूरी जवाबदेही विद्यापिठ,समंधित प्रशासन,अधिकारी की होगी। यह नमुद किया गया है।