
अम्बेडकरनगर। सम्मनपुर, कल्याणपुर और जलालपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बिजली विभाग की ओर से बार-बार ओवरलोड का हवाला देकर हाथ खड़े किए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। सवाल यह है कि यदि लगातार ओवरलोड की समस्या बनी हुई है तो उसका स्थायी समाधान कब किया जाएगा?
मौजूदा स्थिति को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं बिजली विभाग की लापरवाही का असर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं अम्बेडकरनगर के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर की छवि पर तो नहीं पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर भी बिजली कटौती को लेकर प्रभारी मंत्री से सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में गिरीश चंद्र यादव के कार्यकाल में बिजली व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर रहने की चर्चा होती थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां हैं कि प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर के जिले में आगमन के दौरान भी संबंधित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है?
सरकारी दस्तावेजों में जलालपुर और कल्याणपुर विद्युत व्यवस्था से जुड़े क्षमता-वृद्धि के कार्यों का भी उल्लेख मिलता है, जिससे यह सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है कि वर्तमान में ओवरलोड की समस्या का वास्तविक कारण क्या है और उसके समाधान के लिए विभाग ने क्या ठोस कदम उठाए हैं।
जनता का सीधा सवाल है— अगर ओवरलोड की समस्या पहले से ज्ञात है तो क्षमता बढ़ाने और निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही? प्रभारी मंत्री के दौरे के दौरान भी बिजली व्यवस्था क्यों नहीं सुधरती? क्या विभागीय अधिकारी प्रभारी मंत्री की प्राथमिकताओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं?
अब जरूरत है कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले की समीक्षा कर सम्मनपुर, कल्याणपुर और जलालपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की वास्तविक स्थिति, ओवरलोड का कारण और समाधान की समयसीमा सार्वजनिक करें। आखिर जनता कब तक ‘ओवरलोड’ के नाम पर बिजली संकट झेलती रहेगी?





