A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेश

मनरेगा  मनोज कुमार यादव पर प्रतिकूल प्रविष्टि की हुई कार्यवाही

IMG 20260813 WA0004 95 मानव दिवस का भुगतान बना सवाल, शिकायतकर्ता बोला—“सिर्फ एक को नोटिस, बाकी का हिसाब कौन देगा?

 

अम्बेडकरनगर। मनरेगा में जॉब कार्ड बनाने से पहले अभिलेखों की जांच कितनी गंभीरता से होती है, इसका एक मामला रामनगर क्षेत्र से सामने आया है। नाबालिग के नाम जॉब कार्ड बनाकर 95 मानव दिवस की मजदूरी का भुगतान किए जाने की शिकायत की जांच के बाद जिला विकास अधिकारी ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार यादव के खिलाफ वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की है। जिला विकास कार्यालय से 6 अगस्त 2026 को जारी पत्र के मुताबिक आईजीआरएस संदर्भ संख्या 60000260171041 और 60000260154744 के माध्यम से ग्राम हुसैनपुर मुसलमान निवासी मो. कैफ पुत्र मो. वकील के संबंध में शिकायत की गई थी। आरोप था कि वर्ष 2023-24 में मनरेगा के तहत उसके नाम जॉब कार्ड बनाकर 95 मानव दिवस की मजदूरी का भुगतान कर दिया गया। शिकायत में मो. कैफ के आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 2006 दर्ज होने का उल्लेख किया गया। जांच के दौरान संबंधित इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य से प्राप्त प्रमाण पत्र में भी यही जन्मतिथि होने की पुष्टि किए जाने की बात जिला विकास अधिकारी के आदेश में कही गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विकास अधिकारी ने माना कि आवश्यक अभिलेखीय जांच किए बिना जॉब कार्ड बनाना और मजदूरी का भुगतान कराया जाना संबंधित ग्राम सचिव मनोज के कार्य एवं दायित्वों में लापरवाही को दर्शाता है। इसी आधार पर ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार यादव को वर्ष 2026-27 में प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान की गई।

आदेश की प्रतिलिपि मुख्य विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी रामनगर को भेजी गई है। वहीं खंड विकास अधिकारी टांडा को निर्देश दिया गया है कि आदेश की प्रति संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को उपलब्ध कराकर उसकी प्राप्ति रसीद सुनिश्चित की जाए।

 

सवाल अभी बाकी है साहब!

 

मामले में कार्रवाई तो हुई, लेकिन कहानी का असली सवाल अभी भी वहीं खड़ा है—अगर जॉब कार्ड बनाते समय अभिलेखों की जांच नहीं हुई और 95 मानव दिवस की मजदूरी का भुगतान हो गया, तो जिम्मेदारी सिर्फ प्रतिकूल प्रविष्टि तक ही क्यों शिकायतकर्ता ने भी कार्रवाई से असंतोष जताते हुए दोबारा शिकायत कर सभी संबंधित आरोपियों की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग की है। अब निगाह इस बात पर है कि मामला केवल ग्राम सचिव की सेवा पुस्तिका में एक प्रतिकूल प्रविष्टि लिखकर बंद कर दिया जाता है या फिर जॉब कार्ड से लेकर मजदूरी भुगतान तक की पूरी कड़ी का हिसाब-किताब भी तय किया जाता है। फिलहाल मनरेगा के इस मामले ने सिस्टम के सामने एक मजाकिया मगर गंभीर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—कागज पर उम्र जांचने में चूक हुई, भुगतान में कोई चूक नहीं हुई… अब कार्रवाई में भी कहीं वही जल्दबाजी तो नहीं होगी?

Show More

ANGAD YADAV AMBEDKAR NAGAR UP

🌺 वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज एवं समाचार पत्र 🎥 उत्तर प्रदेश 🌺🌺
Back to top button
error: Content is protected !!