
अजीत मिश्रा (खोजी)
- कुदरहा के ‘बहरूपिया गिरोह’ का पापलोक: श्मशान से खलिहान तक लूटने वाला कुनबा अब सलाखों के करीब
- अधिकारियों का हंटर: री-ओपन होंगी फाइलें, जल्द कुर्क होगी राम उजागिर और कंपनी की काली कमाई!
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
विशेष कवरेज: लालगंज/कुदरहा
- बर्खास्तगी की कगार पर रोजगार सेवक: करोड़ों के गबन का मुख्य मोहरा चन्द्रशेखर चौधरी अब रडार पर!
- साजिश की पोल खुली: पीएम आवास में डाका डालने वाले ‘सफेदपोश’ लुटेरों की उलटी गिनती शुरू!
- जेल की चौखट पर कुनबा: भू-माफिया बने पूर्व प्रधान के पापों का घड़ा भरा, कुदरहा ब्लॉक में हड़कंप!
बस्ती। जनपद के कुदरहा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कडसरी मिश्र में भ्रष्टाचार का ऐसा नंगा नाच खेला गया, जिसने लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। पूर्व प्रधान राम उजागिर और उनके बेटे रमेश चौधरी के तथाकथित ‘काले साम्राज्य’ की परतें अब एक-एक कर उधड़ने लगी हैं। सत्ता और रसूख के नशे में चूर इस परिवार ने पंचायत को अपनी जागीर समझकर न केवल सरकारी खजाने पर डकैती डाली, बल्कि गरीबों के हक पर भी बेरहमी से डाका मारा है।
बाप, बेटा और सिंडिकेट: भ्रष्टाचार का पारिवारिक बिजनेस
जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। इस सिंडिकेट में बाप, बेटा, चाचा और भतीजा—पूरा कुनबा शामिल है। भ्रष्टाचार के इस गंदे खेल में बेशर्मी की हद तो तब हो गई जब अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए घर की महिलाओं तक को ढाल बनाने की साजिश रची गई। लेकिन कानून के लंबे हाथों ने इस ‘बहरूपिया गिरोह’ के हर मुखौटे को नोच दिया है।
- करोड़ों का फर्जीवाड़ा: कागजों पर दौड़ रही ‘विकास की गाड़ियाँ’
- कडसरी मिश्र में विकास कार्यों के नाम पर जो खेल हुआ, वह किसी बड़ी साजिश से कम नहीं है।
- श्मशान से खलिहान तक: विकास की गंगा बहाने के नाम पर श्मशान घाटों और खलिहानों के फंड को डकार लिया गया।
- फर्जी सड़कें: कागजों पर तो भ्रष्टाचार की सड़कें बिछा दी गईं, लेकिन धरातल पर आज भी ग्रामीण कीचड़ में चलने को मजबूर हैं।
- आवास और शौचालय में कमीशन: प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण जैसे संवेदनशील कार्यों में भी इस गिरोह ने कमीशनखोरी का गंदा खेल खेला।
मुख्य मोहरा ‘रोजगार सेवक’ पर गिरेगी गाज
इस पूरे खेल का सबसे वफादार प्यादा रहे रोजगार सेवक चन्द्रशेखर चौधरी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। करोड़ों के फर्जीवाड़े में मुख्य मोहरा बने चन्द्रशेखर की बर्खास्तगी अब तय मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो जांच टीम के हाथ ऐसे पुख्ता सबूत लगे हैं जो इस ‘बहरूपिया गिरोह’ को सीधे जेल की कालकोठरी तक पहुँचाएंगे।
भू-माफिया का तमगा और कुर्की की तैयारी
सिर्फ सरकारी धन का गबन ही नहीं, बल्कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करने के मामले में भी इन पर ‘भू-माफिया’ का तमगा लग चुका है। उच्च अधिकारियों ने पुरानी फाइलों को री-ओपन करने का सख्त आदेश दे दिया है। गबन किए गए करोड़ों रुपयों की वसूली के लिए अब प्रशासन इनकी संपत्तियों की कुर्की करने की तैयारी में है।
“अधिकारियों का कड़ा रुख: अब कोई नहीं बचेगा”
कुदरहा ब्लॉक में हड़कंप का माहौल है। जांच टीम की सक्रियता ने भ्रष्टाचार के संरक्षकों की नींद उड़ा दी है। अधिकारियों का साफ संदेश है—गरीबों का हक मारने वालों का अंतिम हिसाब शुरू हो चुका है।
लोकतंत्र का गला घोंटने वालों का अंत करीब
पंचायत चुनाव में दबंगई और धांधली के सहारे सत्ता हथियाने वाले इस कुनबे का असली चेहरा अब जनता के सामने है। कडसरी मिश्र की जनता अब राहत की सांस ले रही है कि उनके खून-पसीने की कमाई लूटने वालों की जगह अब जेल की चौखट है।
जल्द ही बड़ी गिरफ्तारियों की संभावना है, जिससे कुदरहा के इतिहास के सबसे बड़े भ्रष्टाचार का यह अध्याय सलाखों के पीछे समाप्त होगा।

















