
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती: रसूख के पहियों तले रौंदा गया ‘कानून’, दो की मौत पर माफिया का ‘मैनेजमेंट’ शुरू!
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
- लाशों पर सौदागर: इधर तड़प रहे थे घायल, उधर थाने में सेटिंग कर रहा था खनन माफिया।
- मिट्टी नहीं, इंसानियत ढो रहे हैं ये डंपर; रुधौली में मौत का तांडव।
- खाकी की चुप्पी, माफिया की दबंगई: दो मौतों के बाद भी दरोगा जी की ‘खास’ खातिरदारी!
- रक्षक बने भक्षक? SHO संभाल रहे थे मोर्चा, दरोगा के कमरे में ‘मैनेजमेंट’ कर रहा था हत्यारा।
- बस्ती पुलिस को चुनौती: क्या सलाखों के पीछे जाएगा खनन माफिया राजेश शुक्ला?
- खूनी हुआ अवैध खनन का खेल, दो की मौत से दहला कोहरा; कब थमेगी डंपरों की रफ्तार?
- यमराज बने अवैध मिट्टी लदे डंपर; रुधौली हादसे ने उजाड़े कई परिवार।
- सड़कों पर दौड़ती मौत: रसूखदार बबलू शुक्ला के अवैध खनन ने ली दो की जान।
बस्ती। जनपद के रुधौली थाना क्षेत्र में खनन माफियाओं के खूनी खेल ने दो घरों के चिराग बुझा दिए हैं। अवैध मिट्टी खनन में लगे एक बेकाबू डंपर ने टेंपो को ऐसी जोरदार टक्कर मारी कि चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। इस भीषण हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। लेकिन शर्मनाक बात यह है कि जहाँ एक तरफ लाशें बिछी थीं, वहीं दूसरी तरफ खनन माफिया थाने में बैठकर ‘सेटिंग’ करने में मशगूल था।
मौत का तांडव: बेकाबू रफ्तार और अवैध कारोबार
रुधौली थाना क्षेत्र के कोहरा के पास तेज रफ्तार मिट्टी लदी डंपर ने टेंपो को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए।
- मृतकों के नाम: ओम प्रकाश तिवारी उर्फ सत्यदेव तिवारी (38 वर्ष) और रत्नेश मिश्रा (28 वर्ष)।
- घायलों की स्थिति: गौरा मिश्रा, निर्मला देवी, प्रमिला देवी, कुनाल तिवारी, सावित्री, ऊषा देवी, शीला और गरिमा गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। एक घायल की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
अस्पताल में मातम, थाने में ‘मैनेजमेंट’ का खेल
हैरानी और आक्रोश की बात यह है कि इस पूरे अवैध कारोबार का सरगना खनन माफिया राजेश शुक्ला उर्फ बबलू शुक्ला हादसे के तुरंत बाद रुधौली थाने पहुंच गया। जब थाना प्रभारी (SHO) मौके पर राहत कार्य और स्थिति संभालने में जुटे थे, तब माफिया बबलू शुक्ला थाने में तैनात एक दरोगा के साथ ‘मैनेजमेंट’ की गोटियां फिट कर रहा था।
कैमरे में कैद हुआ चेहरा: माफिया के थाने पहुंचने और दरोगा से गुपचुप मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर एक अपराधी की इतनी हिम्मत कैसे कि वो दो मौतों के बाद थाने में बैठकर समझौता करने की फिराक में रहे?
सत्ता और रसूख की मिट्टी में दफन होती संवेदनाएं
सूत्रों का दावा है कि पुलिस पर भारी दबाव है, लेकिन जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि मुकदमे में मुख्य आरोपी के तौर पर राजेश शुक्ला उर्फ बबलू शुक्ला का नाम शामिल किया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे अवैध खनन का काला कारोबार फल-फूल रहा है और आए दिन ये डंपर यमराज बनकर सड़कों पर दौड़ते हैं।
बड़ा सवाल: क्या बस्ती पुलिस इन मौतों का हिसाब लेगी या माफिया का ‘मैनेजमेंट’ न्याय पर भारी पड़ेगा? क्या उन दरोगा जी पर कार्रवाई होगी जो वर्दी की मर्यादा भूलकर अपराधी के साथ पींगें बढ़ा रहे थे?
जनता की मांग साफ है: अपराधियों को जेल भेजो और अवैध खनन पर पूर्ण विराम लगाओ!
















