
IAS Puja Khedkar Reaction: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा पूजा खेडकर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के बाद ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने शुक्रवार को कहा है कि न्यायपालिका अपना काम करेगी, जो भी होगा, मैं उसका जवाब दूंगी. उनकी यह प्रतिक्रिया यूपीएससी द्वारा एक बयान जारी किए जाने के कुछ घंटों बाद आई है. इसमें बताया गया कि उसने IAS प्रोबेशनरी ऑफिसर के खिलाफ उनके “दुराचार” और “धोखाधड़ी” कार्यों को लेकर आपराधिक मामला दर्ज किया है. उन पर कथित तौर पर अपने अधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है.

बयान में यूपीएससी ने कहा कि उसने “पुलिस अधिकारियों के पास प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करके आपराधिक अभियोजन सहित उनके खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की है. इसमें कहा गया है कि आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के नियमों के अनुसार, सिविल सेवा परीक्षा-2022 की उनकी उम्मीदवारी को रद्द करने/भविष्य की परीक्षाओं/चयनों से वंचित करने के लिए कारण बताओ नोटिस (एससीएन) भी जारी किया है.
यूपीएससी ने कहा कि उसने पूजा खेडकर के “दुराचार” की गहन जांच की और पाया कि “उसने अपना नाम, अपने पिता और माता का नाम, अपनी तस्वीर/हस्ताक्षर, अपनी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर अपनी पहचान बदलकर परीक्षा नियमों के तहत स्वीकार्य सीमा से परे धोखाधड़ी से प्रयास किए. आधिकारिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि आयोग ने गुरुवार को खेडकर के खिलाफ दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायत के बाद पुलिस ने कथित तौर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और विकलांगता कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत जालसाजी, धोखाधड़ी और सिविल सेवाओं में अपनी उम्मीदवारी हासिल करने में विकलांगता कोटे के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए मामला दर्ज किया है. वर्ष 2023 बैच की प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी खेडकर पर हाल ही में महाराष्ट्र के पुणे जिला कलेक्ट्रेट में अपने ट्रेनिंग के दौरान उन भत्तों और सुविधाओं की मांग करके शक्ति और विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने का आरोप है, जिनकी वह हकदार नहीं थीं.
उन पर सभी को धमकाने और अपने कार्यकाल के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली एक निजी ऑडी (एक लग्जरी सेडान) कार के ऊपर लाल-नीली बत्ती (उच्च पदस्थ अधिकारी का संकेत) लगाने का आरोप लगाया गया था, जिस पर ‘महाराष्ट्र सरकार’ भी लिखा हुआ था. पुणे जिला कलेक्टर द्वारा मामले को उठाए जाने के बाद, खेड़कर को विदर्भ क्षेत्र के वाशिम जिला कलेक्टरेट में स्थानांतरित कर दिया गया था.









