
समीर वानखेड़े ब्यूरो चीफ :
नागपुर | सरकारी डागा अस्पताल से एक दिन की नवजात बच्ची को चुराने की सनसनीखेज वारदात शुक्रवार को सामने आई है। बुर्का पहनी एक महिला सरकारी योजना का झांसा देकर बच्ची को लेकर फरार हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
गुरुवार रात को डागा अस्पताल में एक बच्ची का जन्म हुआ था। शुक्रवार सुबह उसे वार्ड नंबर 3 में शिफ्ट किया गया था। दोपहर करीब 12:30 से 1 बजे के बीच बुर्का पहनी एक महिला वार्ड में आई।
उसने बच्ची के परिवार से कहा कि सरकारी योजना के तहत बच्ची के लिए 500 रुपये की किट और मां के लिए 5000 रुपये मिलेंगे। परिवार उसकी बातों में आ गया।
महिला ने बच्ची की दादी को वार्ड के बाहर बुलाया और कहा कि बच्ची को टीका लगाना है और फोटो लेना है। इसी बहाने उसने नवजात को अपनी गोद में ले लिया और अस्पताल से बाहर निकल गई। कुछ देर बाद जब परिवार ने देखा तो महिला और बच्ची दोनों गायब थे।
पुलिस की जांच तेज
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और तहसील पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल के CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। महिला किस गेट से बाहर गई और किस रास्ते से भागी, इसका पता लगाया जा रहा है।
आरोपी महिला को पकड़ने के लिए पुलिस ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और ऑटो चालकों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। शहर भर में नाकेबंदी कर तलाश की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में नवजातों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को बुर्का पहने महिला के साथ एक दिन की नवजात बच्ची दिखे या कोई भी संदिग्ध जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।






