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रीठी हत्याकांड: साले व ससुर ने मिलकर की थी दशहरा देखने आए दामाद की हत्या, गिरफ्तार

घर में विवाद होने के बाद सुनसान इलाके में ले गए और पत्थर से कुचलकर वारदात को दिया था अंजाम, पुलिस ने किया खुलासा

कटनी, रीठी। GANESH UPADHYAY VANDE BHARAT LIVE TV NEWS KATNI MP.

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RITHI हत्याकांड का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया है। इस वारदात में ससुर व साले ही आरोपी हैं, जिन्होंने दामाद की हत्या पत्थर से कुचलकर किया की थी। घर विवाद के दौरान मृतक ने गाली-गलौज कर दी थी, जिससे आहात होकर दोनों ने वारदात कारित किया। दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि रीठी में दशहरा चल समारोह के दूसरे दिन हनुमान तलैया के समीप एक युवक का रक्तरंजित शव मिला था। जिसकी शिनाख्त विजयराघवगढ़ के जिजनौड़ी निवासी सुरेंद्र भुमिया के रूप में हुई थी, जो अपनी रीठी के सिंघैया मोहल्ला स्थित ससुराल परिवार सहित दशहरा देखने आया था। एसपी अभिजीत सिंह रंजन ने बताया कि गत 13 अक्टूबर को सुरेंद्र भुमिया अपनी पत्नी व दो बच्चों को लेकर रीठी के सिंघैया टोला करिया पाथर स्थित ससुराल आया था। वो विशेष रूप से दशहरा घूमने आया था। इसी दिन रात के वक्त ससुराल में पार्टी रखी गई, जिसमें शराब आदि भी परोसी गई थी। खानपान के दौरान ही दामाद सुरेंद्र भुमिया व साला सुशील भुमिया के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया जो इतना बढ़ा कि मारपीट तक स्थिति पहुंच गई और सुरेन्द्र ने साले सहित परिवार के अन्य सदस्यों को अपशब्द कह दिया। इससे साला सुशील और ससुर पूरन भूमिया आहात हो गए और देर रात वारदात को अंजाम दे दिया। 

 

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

 

पुलिस ने बताया कि साला सुशील व ससुर पूरन भूमिया ने दामाद सुरेंद्र को सबक सिखाने के लिए षड़यंत्र रचा। उन्होंने देर रात दो बजे के आसपास सुरेन्द्र दशहरा घूमने के लिए चलने को कहा। उसके बाद तीनों दशहरा घूमने के लिए घर से निकल गए। इसी दौरान तीनों रीठी हनुमानताल मोहल्ला के समीप पहुंचे। सूनसान इलाके पर सुशील व पूरन ने मिलकर सुरेन्द्र पर हमला कर दिया और मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच सुनील ने पास में पड़े पत्थर को उठाकर सुरेन्द्र के सिर पर पटक दिया। उसने दो बार ऐसा किया, जिससे सुरेन्द्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। उसके बाद दोनों चुपचाप घर चले गए।

 

शिनाख्तगी के दौरान पुलिस को हुआ था शक

 

वारदात के बाद 14 अक्टूबर को सुबह एक ग्रामीण ने तलैया के पास रक्तरंजित शव देखा, तो हड़कंप मच गया। सूचना पर मौके पर पुलिस टीम पहुंची। उसके बाद शिनाख्तगी का प्रयास शुरू हुआ। तभी सुनील व पूरन भी मौके पर पहुंचे और मृतक की शिनाख्त की। पूरन ने पुलिस को बताया कि यह हमारा दामाद है। लेकिन, उनकी गतिविधियों को देखते हुए पुलिस को मौके पर ही शक हो गया। वो सोच सोचकर बातें रख रहे थे और सहमे भी नजर आ रहे थे। पुलिस ने शक के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो वारदात स्पष्ट हो गई।

 

गुमराह करने का कर रहे थे प्रयास

 

पुलिस की मानें तो, आरोपियों ने शुरूआती दौर में गुमराह करने का प्रयास किया। वे इधर-उधर की बात करते रहे। ऐसा बनने का प्रयास कर रहे थे कि उन्हें कुछ मालूम नहीं है। लेकिन, पुलिस ने पहले दिन ही डाॅग स्क्वयड, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने मौके से तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए थे। उसके आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही थी। जब गहराई से पूछताछ की गई, तो दोनों आरोपी टूट गए और वारदात को अंजाम देने स्वीकार कर लिया।

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