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मुझे राजनीतिक विलन ठहराया गया लेकिन एक दिन मैं जनता के सामने सच पेश करूंगी: प्रतिभा धानोरकर

सांसद प्रतिभा धनोरकर के बयान को शिवसेना ठाकरे गुट और विजय वडेट्टीवार का जवाब माना जा रहा है।

समीर वानखेडे ब्यूरो चीफ:
चंद्रपुर महानगरपालिका में हाल ही में बड़े राजनीतिक उलटफेर हुए हैं और BJP का मेयर सही समय पर चुना गया है। कहा जा रहा है कि कांग्रेस में अंदरूनी कलह इस पॉलिटिकल उथल-पुथल का कारण है। पॉलिटिकल गलियारों में चर्चा है कि BJP ने धनोरकर और वड्डेटीवार के बीच मतभेदों का फायदा उठाया। चंद्रपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कांग्रेस के हाथ में जाने के बाद पार्टी की काफी आलोचना हो रही है। अब कांग्रेस MP प्रतिभा धनोरकर ने बड़ा बयान दिया है। चंद्रपुर MP प्रतिभा धनोरकर ने कहा, “मुझे ‘विलेन’ कहा गया है, लेकिन एक दिन मैं लोगों के सामने सच सामने लाऊंगी।” MP प्रतिभा धनोरकर ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नए चुने गए और हारे हुए उम्मीदवारों के लिए एक ‘फ्रेंडशिप सेरेमनी’ ऑर्गनाइज़ की थी, और उसी प्रोग्राम में बोलते हुए उन्होंने यह अफसोस जताया।
हाल ही में उद्धव ठाकरे के साथ मीटिंग में शिवसेना ठाकरे ग्रुप के कॉर्पोरेटर्स ने चुनाव के दौरान और सरकार बनने के दौरान प्रतिभा धनोरकर द्वारा बार-बार की गई बेइज्जती का जिक्र किया था, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी इनडायरेक्टली इशारा किया था कि कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के लिए MP धनोरकर ही जिम्मेदार हैं। अब प्रतिभा धनोरकर के बयान को शिवसेना ठाकरे ग्रुप और विजय वडेट्टीवार को जवाब माना जा रहा है।
धनोरकर ने जो प्रेस नोट जारी किया है, उसमें उन्होंने सरकार बनने तक के घटनाक्रम और पार्टी नेताओं के दिए गए निर्देशों का भी ज़िक्र किया है। उनके मुताबिक, जब राज्य में कांग्रेस की हालत खराब थी, तो चंद्रपुर के लोगों ने कांग्रेस पर भरोसा किया। लेकिन, सरकार बनाते समय कुछ तथाकथित ‘सेक्युलर’ पार्टियों और हमारे ही कुछ दुश्मनों ने मेरे खिलाफ़ साज़िश रची। भले ही मुझे इस पूरे मामले में ‘विलेन’ कहा गया है, लेकिन समय आने पर मैं लोगों के सामने अपनी बात ज़रूर रखूंगी ।
प्रतिभा धनोरकर ने कहा, “दिल्ली में कांग्रेस नेता खा. प्रियंका गांधी और कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी के. सी. वेणुगोपाल के साफ़ निर्देश थे कि मेयर उनमें से कोई एक होना चाहिए या उन्हें मज़बूत विपक्षी पार्टी में बैठना चाहिए। नेता पार्टी को बढ़ाने के लिए ईमानदारी से कोशिश करते हैं, लेकिन यह दुख की बात है कि नेताओं के आस-पास कुछ मतलबी कार्यकर्ता अपने फ़ायदे के लिए दूसरे नेताओं के ख़िलाफ़ गपशप करके गुटबाज़ी करते हैं। ऐसी आदतों की वजह से ही पार्टी अपने सही मौके गँवा देती है।”

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