
सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड 9425179527 धार, 18 फरवरी 2026। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी संजीव केशव पाण्डेय द्वारा नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण, जनसामान्य के हित, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं लोक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत धार जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।
जारी आदेशानुसार फसलों की कटाई में उपयोग किए जाने वाले प्रत्येक कंबाईन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अथवा स्ट्रा रीपर में से किसी एक मशीन का उपयोग अनिवार्य रहेगा। बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा स्ट्रा रीपर के कंबाईन हार्वेस्टर संचालित किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी एवं सहायक कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
आदेश में उल्लेख है कि खेतों में फसल अवशेष अथवा नरवाई जलाने से मृदा के लाभदायक सूक्ष्म जीव एवं जैविक कार्बन नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरता प्रभावित होती है तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कृषकों से अपील की गई है कि वे नरवाई न जलाकर उसका उपयोग मल्चिंग, स्ट्रा रीपर से भूसा निर्माण, पशु आहार अथवा भूसे के विपणन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करने में करें। साथ ही गेहूं की फसल हेतु बिना जुताई किए हैप्पी सीडर/सुपर सीडर से सीधे बोनी करने तथा बेलर, रैकर एवं चॉपर मशीनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है।
मध्यप्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना एवं माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुपालन में नरवाई जलाने की घटनाओं को प्रतिबंधित किया गया है। उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरण क्षति पूर्ति अर्थदण्ड अधिरोपित किया जाएगा। दो एकड़ से कम भूमि वाले कृषकों पर ₹2500, दो से पांच एकड़ तक भूमि वाले कृषकों पर ₹5000 तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले कृषकों पर ₹15000 प्रति घटना अर्थदण्ड निर्धारित किया गया है।
आदेश के पालन हेतु संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार, थाना प्रभारी, कृषि विभाग के अधिकारी एवं राजस्व अमला अपने-अपने क्षेत्र में कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।
उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 17 फरवरी 2026 से 17 अप्रैल 2026 तक प्रभावशील रहेगा।



