
संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा गढ़वा श्री बंशीधर नगर : बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल सीरियाटोंगर का प्रथम वार्षिकोत्सव शनिवार को समारोह पूर्वक मनाया गया।
समारोह का शुभारंभ पूर्व मंत्री गिरनाथ सिंह एवं पूर्व विधायक राज राजेंद्र प्रताप देव ने संयुक्त रूप से सरस्वती माता के चित्र के समक्ष दीप जलाकर एवं पुष्प अर्चन कर किया। तत्पश्चात स्कूल के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह ने अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया। उस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुये पूर्व मंत्री गिरनाथ सिंह ने कहा कि जबतक बच्चे शिक्षित नहीं होंगे तब तक समाज एवं राष्ट्र का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि श्री बंशीधर नगर-रमना जैसे छोटे शहर में बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल का खुलना गर्व की बात है। श्री सिंह ने स्कूल खोलने के लिये स्कूल के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह को शुभकामनाएं देते हुये कहा कि वीरेंद्र सिंह ने
धन का सही सदुपयोग किया है, जिससे सभ्य एवं शिक्षित समाज का निर्माण हो सके। उन्होंने देश में बढ़ रही महंगाई एवं बेरोजगारी पर चिंता प्रकट करते हुये कहा कि इसे रोकने के लिये कारगर कदम नहीं उठाया जाना देश के लिये दुर्भाग्यपूर्ण है। श्री सिंह ने कहा कि समाज शिक्षित होगा तभी राष्ट्र में समृद्धि आयेगी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में जिस तरह से स्कूल ने बेहतर प्रदर्शन किया है, उससे आने वाले समय में यह विद्यालय मील का पत्थर साबित होगा। पूर्व विधायक राज राजेन्द्र प्रताप देव ने कहा कि इंग्लिश स्कूल खुलने से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साथ तकनीकी शिक्षा भी मिलेगी यह सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने के एक वर्ष में जिस तरह से स्कूल ने प्रदर्शन किया है उसके लिये स्कूल के शिक्षक एवं स्कूल प्रबंधन का प्रयास काबिले तारीफ है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को शुभकामनाएं दी। समारोह में कई लोगों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मनमोह लिया। समारोह में बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल के जोनल हेड राजेन्द्र यादव, स्कूल के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह, निदेशक मनीष कुमार सिंह, उप निदेशक युवराज सिंह, आशीष भारद्वाज, विजय कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, ललन प्रताप देव, रामलला मिश्र, लक्ष्मण राम, सुरेंद्र गुप्ता, संजय कुमार सिंह, वीरेंद्र चौबे, आशुतोष सिंह, डॉ कुतबुद्दीन अंसारी, अयूब, नन्दकिशोर पांडेय, सुग्रीव पांडेय समेत बड़ी संख्या में अभिभावक एवं बच्चे मौजूद थे।




