
मनरेगा मजदूरों का भुगतान अटका; फंड उपलब्ध न होने से तिथि अनिश्चित — आयुक्तालय का स्पष्ट पत्
अहिल्यानगर / नागपुर, दिनांक 16 फरवरी 2026 — ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के लिए महत्वपूर्ण योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार हमी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत मजदूरी भुगतान एक बार फिर अटक गया है। महाराष्ट्र राज्य आयुक्तालय, नागपुर द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आवश्यक निधि (फंड) उपलब्ध न होने के कारण मजदूरी वितरण की कोई निश्चित तिथि या समयसीमा बताना संभव नहीं है।
पत्र के अनुसार, 100 दिनों के भीतर आने वाली मजदूरी केंद्र सरकार द्वारा Online PFMS (Public Financial Management System) प्रणाली के माध्यम से सीधे मजदूरों के बैंक खातों में जमा की जाती है। यह प्रक्रिया आयुक्तालय स्तर से नहीं होती, बल्कि निधि उपलब्धता पूरी तरह केंद्र और राज्य शासन पर निर्भर है।
फंड स्वीकृत होने के बाद जिला स्तर पर FTO (Fund Transfer Order) प्रक्रिया पूरी कर मजदूरों के खातों में बकाया राशि जमा की जाएगी, ऐसा भी पत्र में उल्लेख किया गया है।
राज्य के कई जिलों में मजदूरी लंबे समय से लंबित होने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मजदूरों के सामने दैनिक खर्च, कर्ज भुगतान, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता रविकुमार शिंदे ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि मजदूरों के हित में तत्काल निधि उपलब्ध कराकर बकाया मजदूरी का भुगतान किया जाए, अन्यथा आगे भी इस विषय पर संबंधित स्तर पर पत्राचार और कार्रवाई की जाएगी।
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