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सिद्धार्थनगर में मिठाई की दुकानों पर छापेमारी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने 345 किलो दूषित मिठाई-खोया कराया नष्ट

सिद्धार्थनगर में होली से पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बांसी में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को धानी रोड और मंगल बाजार क्षेत्र में हुई छापेमारी के दौरान 80 किलो खोया और 265 किलो दूषित मिठाई नष्ट की गई। विभाग ने खोया और मिल्क केक के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए हैं।

छापेमारी के दौरान मिठाइयों को बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा पाया गया। बिना ढके ट्रे में रखी मिठाइयों पर मक्खियां बैठी थीं, और आसपास धूल व गंदगी फैली हुई थी। यह भी सामने आया कि नकली खोया, मिलावटी दूध और नकली पनीर से बनी मिठाइयों की बिक्री लंबे समय से जारी है।

फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याओं का शिकार

जिले के लगभग सभी चौराहों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर मिठाइयों की दुकानें खुले में सजी रहती हैं। इन दुकानों पर न तो स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है और न ही खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन होता है। मक्खियों का झुंड मिठाइयों पर बैठता है और धूल सीधे खाद्य पदार्थों पर गिरती है, जिससे ये मिठाइयां बीमारियों का कारण बन रही हैं। ऐसी मिठाइयां खाने से कई लोग पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याओं का शिकार हो चुके हैं।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह स्थिति केवल त्योहारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे साल बनी रहती है। उनका कहना है कि सामान्य दिनों में विभाग की टीम बाजारों में दिखाई नहीं देती, जिससे मिलावटखोर बेखौफ होकर नकली खोया, सिंथेटिक दूध और नकली पनीर से मिठाइयां बनाते रहते हैं। विभाग की कार्रवाई केवल बड़े त्योहारों जैसे होली और दीपावली के समय ही देखने को मिलती है।

दूषित मिठाइयों को नष्ट कराया

बुधवार को धानी रोड और मंगल बाजार, बांसी में हुई कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ जांच की। टीम में सहायक आयुक्त (खाद्य) आर.एल. यादव, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी हीरा लाल, नीरज कुमार चौधरी और रंजन कुमार श्रीवास्तव शामिल रहे। जांच के दौरान खराब और दूषित मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कराया गया और नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक दिन की कार्रवाई में ही 345 किलो दूषित मिठाई और खोया मिल सकता है, तो बाकी दिनों में लोगों को कितना मिलावटी सामान बेचा जा रहा होगा। बाजारों में खुलेआम बिक रही नकली मिठाइयां और नकली पनीर सभी को साफ दिखाई दे रहे हैं, लेकिन नियमित कार्रवाई नहीं होने से मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं।

त्योहार आते ही सक्रिय होने वाला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग यदि पूरे साल इसी तरह निगरानी और कार्रवाई करे, तो लोगों की सेहत से हो रहे इस खिलवाड़ पर रोक लग सकती है। फिलहाल स्थिति यह है कि बाजारों में मिलावटी मिठाइयों का कारोबार जारी है और कार्रवाई केवल त्योहारों तक सीमित होकर रह गई है, जिससे आम लोगों की सेहत खतरे में बनी हुई है।

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