
सागर,वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के अभिमंच सभागार में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “रासायनिक, औषधीय एवं पर्यावरणीय विज्ञानों में उभरते अवसर तथा वैश्विक चुनौतियाँ : सतत भविष्य की ओर” का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन प्रत्यक्ष एवं आभासी दोनों माध्यमों से किया जा रहा है। कार्यक्रम का प्रारंभ प्रो. विजय वर्मा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सतत विकास के लिए बहुविषयक अनुसंधान एवं नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन संयोजक प्रो. रत्नेश दास ने भूमिका प्रस्तुत करते हुए प्रारंभिक टिप्पणी में सम्मेलन के उद्देश्यों एवं महत्त्व को विस्तार से बताया । मुख्य अतिथि प्रो. ए. पी. दास अध्यक्ष राष्ट्रीय वाहक जनित रोग अकादमी तथा पूर्व कुलपति तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में जनस्वास्थ्य एवं पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु वैज्ञानिक अनुसंधान की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को समाजोपयोगी अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।विशिष्ट अतिथि प्रो. सैमुअल एडेलोजू, मोनाश विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया से, ने वैश्विक स्तर पर हो रहे शोध कार्यों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. यशवंत सिंह ठाकुर ने विश्वविद्यालय की अनुसंधान परंपरा एवं उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में उच्च कोटि के शोध लगातार हो रहे हैं. यहाँ हुए वैज्ञानिक शोधों को दुनिया भर में महत्त्व मिला है और विश्व के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों में विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों को स्थान मिला है. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कल्पतरु दास द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रथम शैक्षणिक सत्र में प्रो. भुवनेश गुप्ता (ऊर्जा एवं पेट्रोलियम अध्ययन विश्वविद्यालय, देहरादून) ने मुख्य व्याख्यान दिया। इसके पश्चात प्रो. सैमुअल एडेलोजू तथा प्रो. एन. बी. पटेल (पूर्व विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता, गुजरात विश्वविद्यालय) ने विशिष्ट व्याख्यान प्रस्तुत किए। प्रो. दीपशिखा राठौर ने उद्योग और शिक्षाजगत के समन्वय पर अपने विचार रखे। आयोजित द्वितीय शैक्षणिक सत्र में प्रो. आर. एन. पटेल (अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा), प्रो. श्वेता व्यास (कोटा विश्वविद्यालय), डॉ. अंजलि गुलरिया (राजस्थान विश्वविद्यालय) तथा डॉ. चेतना वर्मा (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली) ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। देश-विदेश से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से चर्चा में भाग लिया।


