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खाकी का ‘खूनी’ अहंकार: दरोगा की बाइक पर गिरी पीक, तो मासूम को थप्पड़ों से लाल कर दिया!

योगी की 'मित्र पुलिस' या वर्दीधारी गुंडे? बीमार बच्चे को बेरहमी से पीटा, फिर जबरन साफ करवाई अपनी गाड़ी!

अजीत मिश्रा (खोजी)

🚨खाकी की गुंडागर्दी: मासूम पर बरपा दरोगा का कहर, ‘साहब’ की बाइक पर गिरी पीक तो बच्चे को बेरहमी से पीटा!🛎️

ब्यूरो रिपोर्ट, बस्ती मंडल। उत्तर प्रदेश।

  • बस्ती में पुलिसिया बर्बरता: गन्ने का जूस बेच रहे गरीब के लाल पर टूटा दरोगा का कहर, सहम गया मासूम!
  • लाल हुई लालगंज पुलिस: दरोगा की दबंगई, नाबालिग पर बरसाए थप्पड़, जनता में भारी आक्रोश!
  • वर्दी की हनक या इंसानियत का कत्ल? एक पीक के बदले दरोगा ने मासूम को दी तालिबानी सजा!

बस्ती/लालगंज। उत्तर प्रदेश पुलिस जहाँ एक तरफ ‘मित्र पुलिस’ होने का दम भरती है, वहीं बस्ती जिले के लालगंज थाने से खाकी को शर्मसार करने वाली एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। अपनी चमकती वर्दी और धौंस के नशे में चूर एक दरोगा ने अपनी गाड़ी पर पान की पीक गिरने जैसी मामूली बात पर एक मासूम नाबालिग बच्चे पर थप्पड़ों की बौछार कर दी। दरोगा साहब का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने गरीब के बच्चे से जबरन अपनी गाड़ी भी साफ करवाई।20260419 190153

मदद के बदले मिली बेरहमी

घटना बनकटी ब्लॉक मुख्यालय के ठीक सामने की है। पीड़ित पिता गौतम कुमार ने बताया कि वह गन्ने के जूस की मशीन लगाकर अपने परिवार का पेट पालता है। रविवार को जब वह खाना खाने गया था, तब दुकान पर उसका बेटा विकास कुमार बैठा था। इसी दौरान दरोगा शैलेंद्र सिंह (S.I.) वहां अपनी बाइक से पहुंचे। बताया जा रहा है कि उनकी बाइक पर कहीं से पान की पीक गिर गई थी।

दरोगा साहब इतने आगबबूला हुए कि आव देखा न ताव, मासूम विकास पर टूट पड़े। विकास ने अपनी सफाई देनी चाही, लेकिन सत्ता के मद में अंधे ‘साहब’ ने उसे बोलने तक का मौका नहीं दिया और उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब उस मासूम से गाली-गलौज करते हुए दरोगा ने अपनी बाइक भी साफ करवाई।

बीमार बच्चे पर नहीं आई दया

पीड़ित पिता के अनुसार, विकास की दिमागी हालत ठीक नहीं है और उसका इलाज गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज से चल रहा है। एक बीमार और बेगुनाह बच्चे पर इस तरह का जुल्म लालगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। क्या योगी सरकार की पुलिस अब गरीबों और मासूमों को निशाना बनाकर अपनी बहादुरी साबित करेगी?

“मेरे बच्चे की दिमागी हालत ठीक नहीं है, वह कुछ समझ पाता उससे पहले ही साहब ने उसे बहुत मारा और गाली दी। हम गरीब हैं तो क्या हमें न्याय नहीं मिलेगा?” — गौतम कुमार, पीड़ित पिता

जनता में भारी आक्रोश, कार्रवाई की मांग

इस घटना को देख रहे राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों में लालगंज पुलिस के खिलाफ भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि पुलिस का काम सुरक्षा देना है, न कि बेगुनाह बच्चों पर हाथ उठाना। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपी दरोगा पर तत्काल कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।

थाने में शिकायत, अब न्याय का इंतज़ार

पीड़ित पिता ने लालगंज थाना अध्यक्ष को लिखित शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि बस्ती पुलिस अपने ‘बेलगाम’ दरोगा को बचाती है या उस पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाती है, जिसके मासूम बच्चे का मन आज खाकी के खौफ से सहमा हुआ है।

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