
📍 मधुबन (मऊ) से रिपोर्ट:
मधुबन तहसील क्षेत्र के चौथीमील स्थित दरियाबाद खास गांव में शनिवार को अखंड भारत के निर्माता चंद्रगुप्त मौर्य एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर गांव के संघर्षों के प्रतीक रहे स्वर्गीय राजेंद्र मौर्य की प्रतिमा का भव्य अनावरण भी किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय समानता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल कुशवाहा शास्त्री द्वारा किया गया। उन्होंने सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य को जननायक बताते हुए कहा कि उन्होंने अत्याचारी शासन का अंत कर जनता को न्याय दिलाया। उन्होंने युवाओं से अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।



मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर महिलाओं और श्रमिकों को अधिकार दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। संविधान के माध्यम से हर नागरिक को सत्ता में भागीदारी का अधिकार मिलना सामाजिक न्याय की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में संजय दीप कुशवाहा, पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा, डॉ. संतोष कुमार, जय मौर्य एवं डॉ. सपना भारती मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए महान विभूतियों के संघर्ष, त्याग और आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान विक्रमा मौर्य ने की, जबकि आयोजन एवं संचालन शैलेश कुमार मोनू (संयोजक, विद्यार्थी युवजन सभा) द्वारा किया गया।
पूरे आयोजन के दौरान सामाजिक चेतना, एकता और समरसता का संदेश प्रमुख रहा। उपस्थित जनसमूह ने चंद्रगुप्त मौर्य और डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलकर एक न्यायपूर्ण एवं समानता आधारित समाज के निर्माण का संकल्प लिया।













