वाराणसी के प्रसिद्ध व्यावसायिक क्षेत्र दालमंडी के कायाकल्प की तैयारी तेज हो गई है। शासन और प्रशासन की मंशा के अनुरूप इस महत्वाकांक्षी चौड़ीकरण परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कमर कस ली है। इसी सिलसिले में रविवार को पीडब्ल्यूडी के उच्च अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें तय किया गया कि इस महीने के अंत तक हर हाल में सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले इलाके से मलबा हटाने और अन्य जरूरी बुनियादी काम प्राथमिकता के आधार पर किए जाएंगे।
मस्जिदों के मुतवल्लियों ने दी सहमति, दो नए भवनों पर भी चला हथौड़ा में दालमंडी इलाके में चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले भवनों को ढहाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इस अभियान के तहत न केवल व्यावसायिक और निजी भवनों को हटाया जा रहा है, बल्कि धार्मिक स्थलों के हिस्सों को भी आपसी सहमति से तोड़ा जा रहा है। PWD के अधिशासी अभियंता के. के. सिंह के मुताबिक, चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले 6 धार्मिक स्थलों में से 5 मस्जिदों (करीमुल्लाह बेग, संगमरमर, अली रजा, नेसारन और रंगीले शाह मस्जिद) के मुतवल्लियों ने विकास कार्य के लिए अपनी लिखित सहमति दे दी है। वहीं, लंगड़ा हाफिज मस्जिद को लेकर अभी प्रशासन की बातचीत जारी है। इसके साथ ही दो अन्य नए भवनों को भी तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
लाउडस्पीकर से मुनादी कर किया जा रहा है सचेत
प्रशासनिक टीम पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दे रही है। किसी भी भवन को गिराने से पहले इलाके में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराकर स्थानीय लोगों और दुकानदारों को सचेत किया जा रहा है। PWD ने पहले ही लाल निशान लगाकर उन सभी इमारतों को चिह्नित कर लिया था, जो सड़क के दायरे में आ रही थीं।215 करोड़ के बजट से चमकेगी दालमंडी की सड़क
गौरतलब है कि जुलाई 2025 से सितंबर 2025 के बीच चले सर्वे में कुल 181 भवनों और 6 धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया गया था। इस पूरी योजना के तहत दालमंडी की 650 मीटर लंबी सड़क को बढ़ाकर 17.5 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट के लिए शासन की ओर से 215 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। सड़क चौड़ी होने से आने वाले दिनों में दालमंडी में लगने वाले भीषण जाम से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।












