
गोंडवाना साम्राज्य की शौर्य प्रतीक महारानी रानी दुर्गावती जी का 462वां बलिदान दिवस आज छिंदवाड़ा जिले में अत्यंत भव्य और गरिमामय रूप से मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर जिले भर से हजारों की संख्या में मातृशक्ति, युवा और क्रांतिकारी साथी महारानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
यह आयोजन गोंडवाना समग्र विकास क्रांति आंदोलन के मुख्य नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी युवा मोर्चा, स्टूडेंट यूनियन, भौमक संघ और अखिल भारतीय गोंडवाना महासभा का पुरजोर समर्थन मिला।
विशाल रैली और 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
समारोह के दौरान समाज की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और अधिकारों को लेकर एक विशाल रैली निकाली गई। आंदोलन के पदाधिकारियों ने महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम छिंदवाड़ा कलेक्टर को 8 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। इन मांगों में मुख्य रूप से गोंडवाना अंचल के विकास, आदिवासी समाज के जल-जंगल-जमीन के अधिकार और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
दिग्गज नेताओं की रही गरिमामय उपस्थिति
इस भव्य आयोजन और वैचारिक क्रांति की अगुवाई समाज के वरिष्ठ और युवा नेतृत्व ने की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे
निखिलेश प्रदेश अध्यक्ष,
गगन भलावी राष्ट्रीय विधि सलाहकार,
धनु धुर्वे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, जिला अध्यक्ष,
मिथुन धुर्वे युवा मोर्चा अध्यक्ष,
गोलू कहार जिला महासचिव,
अमन मरकाम, गोकुल धुर्वे , दीपक सरयाम , अविनाश परते सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी।
गूंजे ‘जय सेवा-जय गोंडवाना’ के नारे
कार्यक्रम के दौरान पूरा जिला ‘जय सेवा’ और ‘महारानी रानी दुर्गावती अमर रहें’ के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। वक्ताओं ने रानी दुर्गावती के जीवन और उनके संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए समाज को एकजुट होने और अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया। आयोजन में हजारों की संख्या में पहुंची मातृशक्ति महिलाओं और युवा साथियों का जोश देखने लायक था, जिन्होंने इस आंदोलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया।










