
कंकू विजय कॉलेज ऑफ एजुकेशन में डीएलएड नए सत्र का शुभारंभ, भावी शिक्षकों का हुआ स्वागत
पाली, 3 जुलाई। शहर के प्रतिष्ठित कंकू विजय कॉलेज ऑफ एजुकेशन में शुक्रवार को डीएलएड (बीएसटीसी) के नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रथम वर्ष की कक्षाओं के पहले दिन महाविद्यालय परिसर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के चेहरों पर नई शुरुआत का उत्साह और आदर्श शिक्षक बनने का संकल्प साफ दिखाई दिया।
नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए महाविद्यालय परिसर में ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के निदेशक डॉ. अभिषेक जैन, प्राचार्य डॉ. करण सैन एवं डॉ. अंजना अरोड़ा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में व्याख्याता दिनेश बाबल, प्रवीण, नेमीचंद, प्रदीप एवं प्रीति सहित महाविद्यालय का समस्त शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा। इस दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र की मजबूत नींव होती है तथा एक कुशल शिक्षक ही समाज और देश के भविष्य का निर्माण करता है।
प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों को दो वर्षीय डीएलएड पाठ्यक्रम की रूपरेखा, परीक्षा प्रणाली, महाविद्यालय के अनुशासन एवं नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों के महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
निदेशक डॉ. अभिषेक जैन, प्राचार्य डॉ. करण सैन एवं डॉ. अंजना अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण केवल पाठ्य ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अच्छे शिक्षक के व्यक्तित्व, नैतिक मूल्यों, धैर्य एवं बच्चों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने की कला का विकास भी उतना ही आवश्यक है। महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि आगामी सप्ताह से नियमित सैद्धांतिक कक्षाओं के साथ माइक्रो-टीचिंग एवं प्रायोगिक गतिविधियों का संचालन भी शुरू किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को विद्यालयी वातावरण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ कंकू विजय कॉलेज ऑफ एजुकेशन परिसर एक बार फिर विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति से गुलजार हो उठा और पूरे परिसर में नई ऊर्जा एवं सकारात्मक माहौल देखने को मिला।

पाली, 3 जुलाई। शहर के प्रतिष्ठित कंकू विजय कॉलेज ऑफ एजुकेशन में शुक्रवार को डीएलएड (बीएसटीसी) के नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रथम वर्ष की कक्षाओं के पहले दिन महाविद्यालय परिसर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के चेहरों पर नई शुरुआत का उत्साह और आदर्श शिक्षक बनने का संकल्प साफ दिखाई दिया।
नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए महाविद्यालय परिसर में ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के निदेशक डॉ. अभिषेक जैन, प्राचार्य डॉ. करण सैन एवं डॉ. अंजना अरोड़ा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम में व्याख्याता दिनेश बाबल, प्रवीण, नेमीचंद, प्रदीप एवं प्रीति सहित महाविद्यालय का समस्त शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा। इस दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र की मजबूत नींव होती है तथा एक कुशल शिक्षक ही समाज और देश के भविष्य का निर्माण करता है।
प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों को दो वर्षीय डीएलएड पाठ्यक्रम की रूपरेखा, परीक्षा प्रणाली, महाविद्यालय के अनुशासन एवं नियमों की जानकारी दी गई। साथ ही बाल मनोविज्ञान, शिक्षण कौशल तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों के महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
निदेशक डॉ. अभिषेक जैन, प्राचार्य डॉ. करण सैन एवं डॉ. अंजना अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण केवल पाठ्य ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अच्छे शिक्षक के व्यक्तित्व, नैतिक मूल्यों, धैर्य एवं बच्चों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने की कला का विकास भी उतना ही आवश्यक है। महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि आगामी सप्ताह से नियमित सैद्धांतिक कक्षाओं के साथ माइक्रो-टीचिंग एवं प्रायोगिक गतिविधियों का संचालन भी शुरू किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को विद्यालयी वातावरण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ कंकू विजय कॉलेज ऑफ एजुकेशन परिसर एक बार फिर विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति से गुलजार हो उठा और पूरे परिसर में नई ऊर्जा एवं सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
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