बस्ती में अवैध प्लाटिंग पर BDA का बड़ा एक्शन | 31 अगस्त 2026 तक विनियमितीकरण का अल्टीमेटम
BDA सचिव कीर्ति प्रकाश भारती द्वारा जारी बयान के अनुसार, जिले के विभिन्न गाटा संख्याओं पर बिना ले-आउट पास कराए अवैध रूप से प्लाटिंग कर बेचा जा रहा था। प्राधिकरण ने ऐसे सभी मामलों को चिन्हित कर लिया है।
अजीत मिश्रा (खोजी)
‘विकास’ के नाम पर अवैध खेल: छांव किसी की, फंदा किसी का!
बस्ती जिले की राजनीति में इन दिनों एक नया भूचाल आया है। मुद्दा है—अवैध प्लाटिंग और उसमें फंसे सत्ताधारी दल के नेता ‘गिल्लम’ चौधरी। यह मामला केवल एक व्यक्ति या एक भूखंड का नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर करारा प्रहार है जो संरक्षण की छांव में पनपती है।
जब साये ही बन जाएं बदनुमा दाग
अखबार की सुर्खी साफ बयां करती है कि जो शख्स पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के साए की तरह साथ चलता रहा हो और जो खुद निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य रहा हो, उसका नाम अवैध प्लाटिंग के दलदल में फंसना पार्टी और नेता दोनों की किरकिरी करा रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या राजनीति अब जनसेवा का माध्यम न रहकर केवल जमीनों के अवैध कारोबार का जरिया बन गई है?
- ढोरिका का गाटा संख्या 724: बीडीए (बस्ती विकास प्राधिकरण) की सूची में गिल्लम चौधरी का नाम इसी अवैध प्लाटिंग से जुड़ा बताया गया है।
- छवि का संकट: जनता और मीडिया की नजर हर गतिविधि पर है। ऐसे में दागदार चेहरों को साथ रखना क्या पार्टी के उन दावों पर सवाल नहीं खड़े करता, जो पारदर्शिता और कानून के राज की बात करते हैं?
पटेल चौक से लेकर हरदिया बुजुर्ग तक: फैला है अवैध कारोबार का जाल
बीडीए द्वारा जारी की गई अवैध प्लाटिंग की सूची इस बात की गवाही देती है कि शहर में किस बेखौफ अंदाज से नियमों को ताक पर रखकर जमीनों का सौदा किया जा रहा है।
- सबसे अधिक अवैध प्लाटिंग पटेल चौक और हरदिया बुजुर्ग क्षेत्र में दर्ज की गई हैं।
- इस लंबी फेहरिस्त में रामकुबेर, शेषनाथ, ओमप्रकाश, विपिन शुक्ला सहित दर्जनों नाम शामिल हैं, जिन पर बीडीए ने शिकंजा कसना शुरू किया है।
- प्राधिकरण ने साफ निर्देश दिए हैं कि 31 अगस्त 2026 तक अवैध रूप से की गई प्लाटिंग का विनियमितीकरण करा लें, अन्यथा ध्वस्तीकरण की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भूखंड क्रय कर निर्माण कराने वालों पर भी सुसंगत धाराओं में गाज गिरेगी।
क्या सबक लेंगे सियासी हुक्मरान?
बीडीए द्वारा राजस्व को चूना लगाने वालों की सूची सार्वजनिक होना यह तो दिखाता है कि प्रशासनिक मशीनरी हरकत में है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त इन चेहरों पर वाकई कानून का डंडा पूरी कठोरता से चल पाएगा?
- ‘अवैध प्लाटिंग’ में फंसे भाजपा नेता ‘गिल्लम’ चौधरी: पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के साथ रहने वाले और निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य भाजपा नेता गिल्लम चौधरी का नाम ढोरिका के गाटा संख्या 724 पर अवैध प्लाटिंग में सामने आया है।
- बीडीए की सूची में पटेल चौक और हरदिया बुजुर्ग पर सबसे अधिक अवैध प्लाटिंग: बस्ती विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा जारी सूची के अनुसार, हरदिया बुजुर्ग और पटेल चौक क्षेत्र में सबसे अधिक अवैध प्लाटिंग की गई है, जिसमें कई नाम शामिल हैं।
- 31 अगस्त 2026 तक विनियमितीकरण का अल्टीमेटम: बीडीए द्वारा जारी बयान (सचिव कीर्ति प्रकाश भारती) के अनुसार, अवैध प्लाटिंग करने वालों को 31 अगस्त 2026 तक विनियमितीकरण कराने का समय दिया गया है, अन्यथा ध्वस्तीकरण और भूस्वामियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
जनता सब देख रही है और समझ भी रही है। जो लोग खुद को जननेता कहते हैं, यदि वही नियम तोड़ने में सबसे आगे मिलेंगे, तो आम जनता से कानून का पालन कराने की नैतिक ताकत स्वतः समाप्त हो जाती है। समय आ गया है कि विकास के नाम पर चल रहे इस अवैध खेल पर पूर्ण विराम लगे और दोषियों पर बिना किसी राजनीतिक लिहाज के सख्त कार्रवाई हो।
















