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रामकृष्ण मिशन: सिर पर हेलमेट, हाथ में बंदूक-रॉड, 30 से 35 बदमाश… आश्रम पर हमले वाली रात का पूरा सच

कौशिक नाग-कोलकाता-रामकृष्ण मिशन: सिर पर हेलमेट, हाथ में बंदूक-रॉड, 30 से 35 बदमाश… आश्रम पर हमले वाली रात का पूरा सच
जलपाईगुड़ी के रामकृष्ण आश्रम में हमले के बाद राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. रामकृष्ण आश्रम के सचिव स्वामी शिवप्रेमानंद ने घटना वाली रात क्या-क्या हुआ था? इस मामले की पूरी जानकारी दी है. घटना के बाद पीएम मोदी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए, इस हमले की कड़ी निंदा की है. पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के रामकृष्ण मिशन आश्रम पर पिछले दिनों बदमाशों ने हमला कर दिया था. बदमाशों ने बंदूक की नोक पर आश्रम के संतों और अन्य कर्मचारियों को धमकी दी थी. इस मामले में अब पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है. पश्चिम बंगाल आकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में इस घटना की निंदा की है. वहीं, अब रामकृष्ण मिशन के सचिव ने स्वामी शिवप्रेमानंद ने ‘सेवक हाउस’ में हुई घटना के बारे में खुलासा किया है. स्वामी शिवप्रेमानंद ने बताया कि कैसे आधी रात को रामकृष्ण मिशन के कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया है? स्वामी शिवप्रेमानंद ने कहा कि जलपाईगुड़ी रामकृष्ण मिशन की जमीन वार्ड संख्या 42 में पड़ती है. सेवक रोड के किनारे स्थित भूमि स्वर्गीय सुनील कुमार रॉय द्वारा मिशन को दान में दी गई है. कानूनी नियमों के तहत ही मिशन को जमीन दी गई है. वर्तमान में अभी यहां से कई धार्मिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं.
मिशन के सचिव ने कहा कि 18 मई को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे कम से कम 30-35 लोग मिशन के आश्रम में जबरन घुसे थे. उनके हाथों में चाकू, बंदूकें और रॉडें थीं. सभी लोगों ने हेलमेट पहन रखा था. इसलिए किसी का चेहरा नहीं देखा जा सका. सभी बदमाश बांग्ला में बोल रहे थे. सचिव शिवप्रेमानंद ने बताया कि उस वक्त मिशन में दो सुरक्षा गार्ड थे. मारपीट के दौरान उनके हाथ बांध दिए गए थे. उनके मोबाइल फोन और उनके सिम कार्ड तक निकाल लिए गए थे. सभी बदमाश आश्रम में जबरन घुसते हुए दूसरी मंजिल पर चले गए. दूसरी मंजिल पर आश्रम के 5 कर्मचारियों पर हमला किया गया. चिल्लाने पर उनकी बेरहमी से पिटाई की गई. इसके बाद बदमाशों ने 5 कर्मचारियों और दो सुरक्षा गार्डों को एक मैजिक गाड़ी में अपने साथ लेकर चले गए. हालांकि, कुछ देर बाद बदमाशों ने आश्रम के 5 कर्मचारियों और सुरक्षागार्डों को रिहा कर दिया था. आश्रम के अंदर हुए इस हमले के बाद मिशन की ओर से भक्तिनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है.
इस मामले में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में चुनाव प्रचार करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री ममत बनर्जी खुद संतों को धमका रही हैं. यह धमकी जमीनी स्तर के गुंडों को भी प्रोत्साहित कर रही है. बंगाल के लोग रामकृष्ण मिशन और संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे.

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